राजस्थान हाईकोर्ट से राज्य सरकार को बड़ी राहत, 15 नवंबर तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के निर्देश
डीएस सेवन न्यूज राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव मामले में राज्य सरकार को बड़ी राहत देते हुए 15 नवंबर 2026 तक दोनों चुनाव हर हाल में संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार की ओर से अदालत में शपथ पत्र पेश कर चुनाव कराने की समय-सारणी प्रस्तुत की गई, जिसे सुनने के बाद हाईकोर्ट ने निर्धारित समयसीमा के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बिना आरक्षण निर्धारण संभव नहीं है, जिसके कारण चुनाव कराना फिलहाल संभव नहीं था। अदालत ने इस पक्ष को स्वीकार किया, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि अब किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और 15 नवंबर के बाद किसी भी प्रकार का समय विस्तार नहीं दिया जाएगा।
चुनाव आयोग ने कोर्ट को बताया कि ओबीसी आयोग 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगा। इसके बाद 17 अगस्त को नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा की जाएगी और 20 सितंबर तक निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। वहीं पंचायत राज चुनाव की घोषणा 23 सितंबर को होगी, 28 सितंबर को अधिसूचना जारी की जाएगी और 15 नवंबर तक सभी पंचायत चुनाव संपन्न करा दिए जाएंगे।
राज्य सरकार की ओर से पेश की गई समय-सारणी पर कोर्ट ने चुनाव आयोग से विस्तृत कार्यक्रम भी मांगा। चुनाव आयोग ने बताया कि निकाय चुनाव दो चरणों में और पंचायत चुनाव चार चरणों में कराए जाएंगे। नामांकन, जांच, नाम वापसी और अन्य चुनावी प्रक्रियाओं को देखते हुए यह समय आवश्यक है। इस पर अदालत ने कहा कि प्रस्तुत कार्यक्रम पर्याप्त है और इसी के अनुसार चुनाव पूरे किए जाएं।
सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय प्रकाश शर्मा की खंडपीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 15 नवंबर तक पंचायत और निकाय चुनाव की पूरी प्रक्रिया हर हाल में समाप्त होनी चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि इसके बाद किसी प्रकार का अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले चुनाव कराने के लिए मार्च और फिर 30 जुलाई तक की समयसीमा तय की गई थी। हालांकि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट में त्रुटियां मिलने के कारण उसे दोबारा सत्यापित कर नई रिपोर्ट तैयार की जा रही है, ताकि भविष्य में आरक्षण प्रक्रिया और चुनाव किसी कानूनी विवाद में न फंसें। इसी आधार पर राज्य सरकार, चुनाव आयोग और ओबीसी आयोग ने अदालत के समक्ष नया कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार करते हुए 15 नवंबर तक चुनाव संपन्न कराने के निर्देश जारी किए।