उदयपुर में गांव की सरकार चुनने उमड़े मतदाता, 458 बूथों पर मतदान संपन्न; 284 प्रत्याशियों की किस्मत EVM में कैद
6 पंचायत समितियों में सुबह से दिखा मतदान का उत्साह, दोपहर 3 बजे तक 55.70 प्रतिशत वोटिंग; महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने निभाई भागीदारी
डीएस सेवन न्यूज उदयपुर, 28 अक्टूबर। उदयपुर जिले में पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के दूसरे चरण का मतदान बुधवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। गांव की सरकार चुनने के लिए सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें नजर आईं। जिले की 6 पंचायत समितियों के 458 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए। इसके साथ ही जिला परिषद सदस्य पद के 36 और पंचायत समिति सदस्य पद के 248 प्रत्याशियों सहित कुल 284 उम्मीदवारों का चुनावी भविष्य ईवीएम में कैद हो गया।
दूसरे चरण में जिले की बड़गांव, देवला, गोगुंदा, कोटड़ा, सायरा और सुलाव पंचायत समितियों में मतदान हुआ। इस दौरान जिला परिषद के 14 वार्डों और पंचायत समितियों के 96 वार्डों के लिए मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।
सुबह धीमी शुरुआत, दोपहर तक मतदान ने पकड़ी रफ्तार
मतदान केंद्रों पर सुबह से ही ग्रामीणों की आवाजाही शुरू हो गई थी। सुबह 10 बजे तक जिले की छह पंचायत समितियों में कुल 11.89 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। इसके बाद मतदान की रफ्तार बढ़ती गई। दोपहर 1 बजे तक मतदान का आंकड़ा 39.29 प्रतिशत पहुंच गया, जबकि अपराह्न 3 बजे तक 55.70 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें देखने को मिलीं। मतदान को लेकर युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह नजर आया।
महिलाओं और बुजुर्गों ने भी दिखाई सक्रिय भागीदारी
पंचायतीराज चुनाव में महिला मतदाताओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं घरेलू कामकाज के बीच समय निकालकर मतदान केंद्रों तक पहुंचीं और अपने मताधिकार का उपयोग किया।
वहीं, बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं ने भी मतदान में उत्साह दिखाया। उम्र और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करने मतदान केंद्रों तक पहुंचे।
युवाओं में दिखा गांव के विकास को लेकर उत्साह
मतदान केंद्रों पर युवा मतदाताओं की भी सक्रिय भागीदारी रही। युवाओं ने अपने क्षेत्र के विकास और बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ मतदान किया। ग्रामीण क्षेत्रों में दिनभर चुनावी उत्साह का माहौल बना रहा।
एनएसएस और स्काउट स्वयंसेवकों ने संभाली सहायता की जिम्मेदारी
मतदान केंद्रों पर एनएसएस और स्काउट स्वयंसेवकों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वयंसेवकों ने बुजुर्ग और जरूरतमंद मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचने तथा आवश्यक मार्गदर्शन देने में सहयोग किया। इससे मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया के दौरान सुविधा मिली।
प्रशासन और पुलिस की निगरानी में शांतिपूर्ण मतदान
जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल और जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में प्रशासनिक एवं पुलिस व्यवस्थाएं मुस्तैद रहीं। मतदान प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशासन के अनुसार जिले की सभी छह पंचायत समितियों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
दूसरे चरण का मतदान पूरा होने के साथ ही अब जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पद के कुल 284 प्रत्याशियों का चुनावी भविष्य ईवीएम में सुरक्षित है। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद तय होगा कि ग्रामीण मतदाताओं ने अपने क्षेत्र के प्रतिनिधित्व की जिम्मेदारी किसे सौंपी है
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