मंदसौर मंडी में किसानों की कतारें, मूंगफली बेचने के लिए 3 दिन से इंतजार! सड़कों पर लगा लंबा जाम

मंदसौर मंडी में किसानों की कतारें, मूंगफली बेचने के लिए तीन दिन से इंतजार! सड़कों पर लगा लंबा जाम

दीपावली से पहले उपज बेचने पहुंचे किसानों की बढ़ी परेशानी, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारों से यातायात प्रभावित, पुलिस ने संभाली व्यवस्था
डीएस सेवन न्यूज मंदसौर। दीपावली से पहले अपनी उपज बेचकर त्योहार की तैयारियां करने की उम्मीद लेकर मंदसौर कृषि उपज मंडी पहुंचे किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। मंडी में कृषि उपज की भारी आवक के चलते हालात ऐसे बन गए हैं कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतारें मंडी परिसर से निकलकर मुख्य सड़क तक पहुंच गई हैं। वहीं, मूंगफली लेकर पहुंचे कई किसान तीन-तीन दिन से अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं।

मंडी में बंपर आवक, सड़क तक पहुंची वाहनों की कतार

जानकारी के अनुसार, मंदसौर कृषि उपज मंडी में इन दिनों सोयाबीन, मूंगफली, मक्का, लहसुन और प्याज सहित विभिन्न कृषि उपज की बड़ी मात्रा में आवक हो रही है। दीपावली से पहले पैसों की जरूरत के चलते किसान जल्द से जल्द अपनी फसल बेचना चाहते हैं, लेकिन मंडी में बढ़ती भीड़ और सीमित जगह के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

 तीन दिन से मूंगफली लेकर खड़े किसान, त्योहार की तैयारियों की चिंता

किसानों के अनुसार, मूंगफली की उपज लेकर मंडी पहुंचे कई किसानों को तीन दिन बीत जाने के बावजूद नीलामी के लिए नंबर नहीं मिल पाया है। किसान अपनी उपज बेचकर त्योहार से जुड़ी आर्थिक जरूरतें पूरी करना चाहते हैं, लेकिन लगातार बढ़ते इंतजार ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।

 मंडी के बाहर जाम, आम लोगों को भी परेशानी

मंडी के बाहर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और लोडिंग वाहनों की लंबी कतारें लगने से शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति बनने से दोपहिया वाहन चालकों, राहगीरों और स्कूली वाहनों को निकलने में परेशानी हो रही है।

सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और वाहनों को व्यवस्थित कर यातायात सुचारू करने के प्रयास शुरू किए।

किसानों का सवाल—आखिर कब मिलेगी इंतजार से राहत?

दीपावली से पहले मंडी में बनी इस स्थिति ने किसानों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। किसानों और स्थानीय लोगों ने मंडी में पार्किंग, वाहनों के प्रवेश और कृषि उपज की नीलामी व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की है।

अब बड़ा सवाल यह है कि त्योहार से पहले अपनी मेहनत की फसल बेचने पहुंचे किसानों को कब तक इंतजार करना पड़ेगा?** क्या मंडी प्रशासन बढ़ती आवक के बीच ऐसी व्यवस्था कर पाएगा, जिससे किसानों को समय पर अपनी उपज बेचने का अवसर मिले और शहर की सड़कों पर लगने वाले जाम से भी राहत मिल सके?

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