डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़गढ़। बाल श्रम, बाल बंधुआ मजदूरी एवं मानव तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे उमंग-VII अभियान के तहत मंगलवाड़ थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग बाल श्रमिकों को मुक्त कराया है। पुलिस ने बाल श्रम करवाने के आरोप में एक होटल संचालक और एक बेकरी संचालक के खिलाफ अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार जिले में बाल श्रम और मानव दुर्व्यापार के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा के निर्देशन एवं डीएसपी देशराज कुलदीप के सुपरविजन में थानाधिकारी भगवान लाल के नेतृत्व में चाइल्ड हेल्पलाइन और गायत्री सेवा संस्थान के सहयोग से संयुक्त टीमों का गठन किया गया।
कार्रवाई के दौरान एएसआई जगदीश चंद्र की टीम ने चित्तौड़गढ़-उदयपुर हाईवे पर नारायणपुरा टोल के निकट स्थित श्री हरि सांवरिया होटल में कार्यरत एक नाबालिग बालक को मुक्त कराया। मामले में होटल संचालक के खिलाफ बाल श्रम संबंधी प्रकरण दर्ज किया गया।
वहीं दूसरी टीम ने एएसआई भैरूलाल के नेतृत्व में मंगलवाड़ चौराहे पर स्थित जोधपुर स्वीट्स एंड बेकरी में कार्रवाई करते हुए एक अन्य नाबालिग बालक को मुक्त कराया। इस मामले में भी दुकान संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार दोनों मामलों की जांच जारी है तथा बाल श्रम करवाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभियान में मंगलवाड़ थाना पुलिस के साथ चाइल्ड हेल्पलाइन चित्तौड़गढ़ और गायत्री सेवा संस्थान की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डीएस7 न्यूज नेटवर्क की अपील है कि यदि कहीं भी बाल श्रम, बाल तस्करी या बच्चों के शोषण की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित करें, ताकि बच्चों को सुरक्षित भविष्य मिल सके।
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