15 हजार पहले डकारे, फिर मांगे 5 हजार ओर पटवारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

सीमांकन रिपोर्ट के नाम पर रिश्वतखोर पटवारी गिरफ्तार, 5 हजार रुपये लेते लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा

 भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लोकायुक्त संगठन उज्जैन ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बड़ौद तहसील के एक पटवारी को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी पटवारी सीमांकन रिपोर्ट देने के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था।

लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम झलारा निवासी पाल सिंह परिहार ने 1 जून 2026 को लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि हल्का नंबर 08 के पटवारी राजकुमार चौहान ने भूमि सीमांकन करने के एवज में 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार पटवारी पहले ही 15 हजार रुपये ले चुका था और सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कर दी थी, लेकिन सीमांकन रिपोर्ट सौंपने के लिए अतिरिक्त 5 हजार रुपये की मांग कर रहा था।

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मामले का सत्यापन कराया गया। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई गई। गुरुवार को तहसील कार्यालय बड़ौद स्थित पटवारी कार्यालय में लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पटवारी को शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस कार्रवाई का नेतृत्व डीएसपी राजेश पाठक ने किया। टीम में निरीक्षक दीपक सेजवार, शिवकुमार शर्मा, अनिल, श्याम शर्मा, संजीव, रमेश डाबर सहित करीब 10 सदस्य शामिल रहे।

लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है और क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है।


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