पंचायत चुनाव आरक्षण पर हाईकोर्ट सख्त, 41 में से 31 जिला प्रमुख सीटें आरक्षित होने को चुनौती
10 और 13 अगस्त की अधिसूचनाओं के खिलाफ याचिका, राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग से मांगा जवाब; 23 सितंबर को अगली सुनवाई
डीएस सेवन न्यूज जोधपुर। राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनाव के लिए आरक्षण व्यवस्था को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने मामले में नोटिस जारी करते हुए राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग सहित संबंधित प्रतिवादियों से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
याचिकाकर्ता कमलेश कुमार की ओर से अधिवक्ता मोती सिंह राजपुरोहित ने पक्ष रखा। याचिका में पंचायत राज चुनाव के लिए 10 अगस्त और 13 अगस्त को जारी अधिसूचनाओं को चुनौती दी गई है।
याचिका में मुख्य रूप से जिला प्रमुख पदों के आरक्षण को लेकर आपत्ति जताई गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि राजस्थान में कुल 41 जिला प्रमुख सीटों में से लॉटरी के माध्यम से 31 सीटें आरक्षित वiर्ग और महिलाओं सहित विभिन्न आरक्षित श्रेणियों के लिए आरक्षित कर दी गई हैं। ऐसे में सामान्य वर्ग के लिए महज 10 सीटें बचती हैं।
याचिका में दावा किया गया है कि संविधान के तहत आरक्षण की निर्धारित सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसी आधार पर 41 जिला प्रमुख सीटों में आरक्षण के मौजूदा निर्धारण को चुनौती दी गई है।
मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब इस मामले में 23 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर सरकार और निर्वाचन आयोग के जवाब के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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