चित्तौड़गढ़ बेगूं बुजुर्ग संत से मारपीट के आरोप पर कांस्टेबल लाइन हाजिर, पुलिस पर उठे सवाल—क्या होगी सख्त कार्रवाई?

बुजुर्ग संत से मारपीट के आरोप ने खड़े किए सवाल, कांस्टेबल लाइन हाजिर—क्या पुलिसकर्मी की दबंगई पर होगी निष्पक्ष कार्रवाई?

शौचालय विवाद के बाद संत से कथित अभद्रता और मारपीट का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश
डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़गढ़ बेगूं। नन्दवाई पुलिस चौकी में तैनात एक कांस्टेबल पर बुजुर्ग संत-महात्मा के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और मारपीट करने का आरोप सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में नाराजगी का माहौल है और ग्रामीणों की ओर से मामले में निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।

बताया जा रहा है कि शौचालय को लेकर हुए विवाद के बाद कांस्टेबल गोकुल लाल मीणा पर संत-महात्मा के साथ मारपीट करने का आरोप लगा। घटना की जानकारी सामने आने के बाद संत समाज और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।

मामले की जानकारी बनन्दवाई के लोगों ने पुलिस के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई। इसके बाद बेगूं डीएसपी अंकित कुड़ी, पारसोली थाना अधिकारी आशुतोष सिंह, एएसआई रामदयाल, हेड कांस्टेबल मिश्री लाल और चांद मल खटीक पुलिस टीम के साथ नन्दवाई कस्बे पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और संत-महात्मा से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया। देर रात तक बातचीत के बाद स्थिति शांत हुई।

मामला सामने आने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक ने कांस्टेबल गोकुल लाल मीणा को तत्काल चित्तौड़गढ़ लाइन हाजिर कर दिया। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि केवल लाइन हाजिर करने से मामला खत्म नहीं होना चाहिए। वे पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और आरोप सही पाए जाने पर उचित एवं सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

इस घटना ने पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं कि अगर किसी पुलिसकर्मी पर एक बुजुर्ग संत के साथ मारपीट और अभद्रता के आरोप लगते हैं, तो क्या मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होगी?

फिलहाल पुलिस की ओर से इस घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब ग्रामीणों और संत समाज की नजर पुलिस की आगे की जांच और कार्रवाई पर है।

DS7NEWS NETWORK

Post a Comment

Previous Post Next Post