दिल्ली आरक्षण मुद्दे पर सवर्ण समाज की नाराजगी से बीजेपी को चुनावी हार का डर? सांसदों ने उठाई सवर्ण आयोग की मांग

बीजेपी सांसदों ने उठाई सवर्ण आयोग की मांग, बोले- SC-ST और OBC आयोग हैं तो सवर्ण आयोग क्यों नहीं?
डीएस सेवन न्यूज नई दिल्ली। आरक्षण को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच सवर्ण आयोग बनाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती नजर आ रही है। खास बात यह है कि अब भारतीय जनता पार्टी के कई सांसद भी सवर्ण आयोग के गठन की मांग सरकार के सामने रख रहे हैं।

बीजेपी सांसदों का तर्क है कि अगर अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग, ओबीसी आयोग और अल्पसंख्यक आयोग जैसी व्यवस्थाएं मौजूद हैं, तो सवर्ण वर्ग के लिए भी अलग आयोग बनाया जाना चाहिए। सांसदों का कहना है कि यह आयोग सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों और उनके साथ होने वाले कथित अन्याय को सामने रखने का माध्यम बन सकता है।

सांसदों की ओर से बिहार की तर्ज पर सवर्ण आयोग बनाने की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लोगों से जुड़े मामलों को देखने और आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए भी ऐसे आयोग की जरूरत है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया था। इसके बावजूद सवर्ण आयोग के गठन की मांग लगातार उठती रही है।

कुछ समय पहले बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की थी। बृजेश पाठक के नेतृत्व वाले इस प्रतिनिधिमंडल ने भी सवर्ण आयोग के गठन की मांग दोहराई थी।

अब बीजेपी सांसदों के स्तर से इस मांग को उठाए जाने के बाद सवर्ण आयोग का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

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