चित्तौड़गढ़ नव वर्ष पर सांवलिया सेठ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, ड्रोन से निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

नव वर्ष पर सांवलिया सेठ धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, ड्रोन से निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

डीएस सेवन न्यूज़ चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया स्थित वैश्विक आस्था के केंद्र श्री सांवलिया सेठ कृष्ण धाम में नव वर्ष के अवसर पर भक्तों का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। नए साल की शुरुआत प्रभु के दर्शन से करने के लिए हजारों श्रद्धालु सांवलिया सेठ के दरबार में पहुंचे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

श्रद्धालुओं की आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से ही नहीं, बल्कि 50 से 60 किलोमीटर दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पैदल यात्रा करते हुए सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए निकले। कई श्रद्धालु तो नव वर्ष की पूर्व संध्या पर ही पैदल चलकर मंडफिया धाम की ओर रवाना हो गए थे।

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी नव वर्ष पर मध्यप्रदेश और राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु सांवलिया सेठ के दर्शन करने पहुंचे। भक्त डीजे की धुन पर नाचते-गाते, भक्ति भाव में लीन होकर भगवान के जयकारे लगाते हुए मंदिर परिसर तक पहुंचे, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।
भारी भीड़ को देखते हुए चित्तौड़गढ़ जिले की पुलिस द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वीआईपी दर्शन पर रोक लगाई गई, ताकि आम श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। पुलिस के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी पर तैनात रहे और हर स्तर पर निगरानी रखी गई।

खास तौर पर ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। वाहनों की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए, जिससे श्रद्धालुओं को जाम की समस्या का सामना न करना पड़े। ट्रैफिक पुलिस लगातार व्यवस्था को नियंत्रित करती नजर आई।

वहीं सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस द्वारा ड्रोन की मदद से पूरे क्षेत्र पर निगरानी रखी गई। ड्रोन कैमरों के माध्यम से भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी गई, जिससे किसी भी स्थिति पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके।
नव वर्ष के अवसर पर सांवलिया सेठ धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की इस भारी भीड़ के बीच पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के चलते दर्शन व्यवस्था शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनी रही।

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