राज्यों में 17 नकबजनी का खुलासा पुलिस ने 6 आरोपियों को दबोचा, 20 लाख के जेवर जब्त; उदयपुर-राजसमंद समेत कई वारदात खुलासा

5 राज्यों में 17 नकबजनी का खुलासा: मंदसौर पुलिस ने बागरिया गैंग के 6 आरोपियों को दबोचा, 20 लाख के जेवर बरामद
डीएस सेवन न्यूज मंदसौर। मंदसौर पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय नकबजन गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए 6 आरोपियों से करीब 20 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं। पूछताछ में गैंग ने देश के 5 राज्यों में 17 अलग-अलग स्थानों पर चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।

मामले की शुरुआत 18 जुलाई 2026 को मंदसौर कोतवाली में दर्ज चोरी की शिकायत से हुई। शिकायत के मुताबिक अज्ञात बदमाश मकान का गेट तोड़कर अंदर घुसे और अलमारियों से करीब 20 हजार रुपये नकद तथा सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर ले गए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
राजस्थान के इन इलाकों में भी वारदातों का खुलासा

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गैंग ने मध्यप्रदेश के साथ-साथ राजस्थान और अन्य राज्यों में भी नकबजनी की वारदातें कीं। राजस्थान में राजसमंद, नाथद्वारा और उदयपुर में चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। इसके अलावा गैंग की गतिविधियां इंदौर, रतलाम, आगरा, मालेगांव, धुलिया, दिल्ली और गुरुग्राम तक सामने आई हैं।

पुलिस के मुताबिक इन स्थानों से संबंधित थानों में आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज पाए गए हैं। इस तरह जांच में अब तक कुल 17 वारदातों का खुलासा हुआ है।

छह आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग से जुड़े छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में शिवराम उर्फ हनुमान, सांवरा, सूरज, मदनबौदिया उर्फ सांवरा, उमराव और कालूराम शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों के संबंध अजमेर, भीलवाड़ा और ब्यावर क्षेत्र से बताए गए हैं।

20 लाख के जेवर बरामद

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सोने-चांदी के जेवरात, कुल अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये, बरामद किए हैं। पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले सामान को भी जब्त किया है।

जब्त सामान में दो टॉमी, एक इलेक्ट्रॉनिक कटर, दो ग्लव्स और एक प्लास्टिक प्लास शामिल हैं।

कई शहरों में सक्रिय था गैंग

पुलिस की जांच में सामने आया है कि गैंग एक जगह वारदात करने तक सीमित नहीं था। अलग-अलग राज्यों में स्थान बदलकर मकानों को निशाना बनाया जाता था। अब पुलिस बरामद माल को संबंधित मामलों से जोड़ने और अन्य वारदातों की जानकारी जुटाने में लगी है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टी.एस. बघेल, सीएसपी जितेंद्र भास्कर और एसडीओपी ग्रामीण की निगरानी में की गई। कोतवाली थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर, नाहरगढ़ थाना प्रभारी वरुण तिवारी सहित पुलिस टीम की कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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