उदयपुर नगर निगम चुनाव में करोड़पति उम्मीदवारों की भरमार, BJP-कांग्रेस के 38 प्रत्याशी करोड़पति; 25 हजार की संपत्ति वाला प्रत्याशी भी मैदान में

उदयपुर नगर निगम चुनाव में करोड़पति उम्मीदवारों की भरमार, BJP-कांग्रेस के 38 प्रत्याशी करोड़पति; 25 हजार की संपत्ति वाला प्रत्याशी भी मैदान में

डीएस सेवन न्यूज उदयपुर
। नगर निगम चुनाव 2026 में प्रत्याशियों की आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति को लेकर दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। नामांकन के दौरान उम्मीदवारों की ओर से निर्वाचन विभाग को दिए गए शपथ पत्रों में घोषित संपत्ति और शैक्षणिक योग्यता के आंकड़े कई अलग-अलग पहलुओं को सामने रखते हैं। 80 वार्डों के लिए चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों में करोड़पति उम्मीदवारों के साथ बेहद कम संपत्ति घोषित करने वाले प्रत्याशी भी शामिल हैं।

शपथ पत्रों के आधार पर भाजपा और कांग्रेस के कुल 38 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी संपत्ति एक करोड़ रुपये या उससे अधिक घोषित की है। इनमें भाजपा के 26 और कांग्रेस के 12 उम्मीदवार शामिल हैं। यानी दोनों प्रमुख दलों में भाजपा के करोड़पति प्रत्याशियों की संख्या कांग्रेस से अधिक है।

वार्ड 53 के यशवंत आंचलिया सबसे अधिक संपत्ति वाले
दोनों दलों के करोड़पति उम्मीदवारों में वार्ड नंबर 53 से भाजपा प्रत्याशी यशवंत आंचलिया सबसे अधिक संपत्ति घोषित करने वाले उम्मीदवार हैं। आंचलिया उदयपुर सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। उनके शपथ पत्र में घोषित संपत्ति उन्हें इस सूची में सबसे ऊपर रखती है।
वहीं करोड़पति उम्मीदवारों की सूची में सबसे कम घोषित संपत्ति वार्ड नंबर 66 से कांग्रेस प्रत्याशी सत्येंद्र चौधरी की बताई गई है। उनके शपथ पत्र के अनुसार उनके नाम पर कुल 25 हजार रुपये की संपत्ति घोषित है।
पीएचडी से CA तक, 44 उम्मीदवार उच्च शिक्षित
चुनाव मैदान में केवल आर्थिक रूप से संपन्न उम्मीदवार ही चर्चा में नहीं हैं, बल्कि शिक्षा के स्तर पर भी कई उम्मीदवार अलग पहचान रखते हैं। शपथ पत्रों के अनुसार 44 प्रत्याशी उच्च शिक्षित हैं। इनमें अलग-अलग उच्च शैक्षणिक योग्यताओं वाले उम्मीदवार शामिल हैं। चुनावी मैदान में पीएचडी धारक से लेकर चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) तक उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

13 उम्मीदवारों ने खुद को बताया साक्षर
दूसरी ओर, प्रत्याशियों की शैक्षणिक स्थिति का एक अलग पहलू भी सामने आया है। 13 उम्मीदवारों ने अपने शपथ पत्र में खुद को साक्षर बताया है। यानी नगर निगम चुनाव में उच्च शिक्षा प्राप्त उम्मीदवारों के साथ ऐसे प्रत्याशी भी मैदान में हैं, जिन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता साक्षर के रूप में दर्ज कराई है।

शपथ पत्रों से सामने आई उम्मीदवारों की तस्वीर
नगर निगम के 80 वार्डों में नामांकन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को अपनी संपत्ति, देनदारियों और शैक्षणिक योग्यता समेत विभिन्न जानकारियां शपथ पत्र में देनी होती हैं। इन्हीं घोषित जानकारियों के आधार पर उम्मीदवारों की आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति की तस्वीर सामने आई है।

इससे साफ है कि उदयपुर नगर निगम चुनाव का मुकाबला केवल राजनीतिक दलों और वार्डों तक सीमित नहीं है। प्रत्याशियों की आर्थिक हैसियत और शैक्षणिक पृष्ठभूमि में भी खासा अंतर देखने को मिल रहा है—एक तरफ करोड़ों की संपत्ति घोषित करने वाले उम्मीदवार हैं, तो दूसरी तरफ बेहद कम संपत्ति वाले प्रत्याशी भी जनता के बीच अपना दावा पेश कर रहे हैं।

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