चित्तौड़गढ़ पंचायत चुनाव: प्रधान पद को लेकर भाजपा में घमासान! टिकट के दावेदारों में खींचतान तेज

डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़गढ़। पंचायतीराज आम चुनाव 2026 को लेकर चित्तौड़गढ़ जिले में सियासी हलचल तेज हो गई है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए सोमवार, 19 अक्टूबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई। हालांकि पहले दिन नामांकन को लेकर प्रत्याशियों में खास उत्साह देखने को नहीं मिला। दूसरी ओर भाजपा और कांग्रेस की ओर से अब तक प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं होने से टिकट के दावेदारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार कांग्रेस के मुकाबले भाजपा में टिकट वितरण और पंचायत समिति प्रधान पद को लेकर अधिक खींचतान सामने आ रही है।

पहले दिन जिला परिषद के लिए एक, पंचायत समिति सदस्यों के लिए 11 नामांकन

चित्तौड़गढ़ जिला परिषद के कुल 35 वार्डों में पहले दिन केवल एक नामांकन पत्र दाखिल हुआ। बड़ीसादड़ी के वार्ड संख्या 27 से कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश चंद्र मीणा ने अपना नामांकन प्रस्तुत किया।

वहीं पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए कुल 11 नामांकन पत्र दाखिल किए गए। इनमें भूपालसागर पंचायत समिति से सर्वाधिक 10 और भदेसर पंचायत समिति से एक नामांकन दाखिल हुआ। चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति के किसी भी वार्ड से पहले दिन एक भी प्रत्याशी ने नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया।

प्रधान पद को लेकर भाजपा में बढ़ी खींचतान!

चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति में प्रधान का पद सामान्य वर्ग के लिए होने के कारण भाजपा में दावेदारों के बीच राजनीतिक खींचतान की चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई दावेदार टिकट की दौड़ में हैं, जिससे पार्टी के सामने प्रत्याशी चयन को लेकर चुनौती खड़ी हो सकती है।

वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा के प्रति नाराजगी की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। लंबे समय से लंबित स्थानीय समस्याओं का समाधान नहीं होने और नई अफीम नीति की घोषणा में देरी को लेकर किसानों में असंतोष बताया जा रहा है। ऐसे में पंचायत चुनाव में इन मुद्दों का कितना असर पड़ेगा, यह मतदान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

भाजपा-कांग्रेस की सूची का इंतजार, अंतिम दिन खुल सकते हैं पत्ते

नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने अब तक अपने प्रत्याशियों की पूरी सूची जारी नहीं की है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि भाजपा और कांग्रेस नामांकन की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर के आसपास चुनाव चिह्न के साथ अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती हैं।

माना जा रहा है कि अंतिम समय में प्रत्याशी घोषित करने के पीछे टिकट वितरण के बाद संभावित असंतोष और बगावत को सीमित रखने की रणनीति हो सकती है। हालांकि दोनों दलों की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

4 और 14 नवंबर को मतदान

चित्तौड़गढ़ जिले में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव दो चरणों में होंगे। तीसरे चरण के तहत 4 नवंबर को चित्तौड़गढ़, भदेसर, कपासन, राशमी और भूपालसागर पंचायत समितियों में मतदान होगा।

वहीं चौथे चरण में 14 नवंबर को बेगूं, भैंसरोड़गढ़, गंगरार, निम्बाहेड़ा, डूंगला और बड़ीसादड़ी पंचायत समितियों में मतदान होगा।

तीसरे चरण की ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए 5 नवंबर तथा चौथे चरण की ग्राम पंचायतों में 16 नवंबर को मतदान निर्धारित है।

23 अक्टूबर तक भरे जाएंगे नामांकन

तीसरे चरण के चुनाव के लिए 23 अक्टूबर तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे। 20 अक्टूबर को विजयादशमी के सार्वजनिक अवकाश के कारण नामांकन नहीं होंगे। वहीं 26 अक्टूबर को नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया निर्धारित है।

फिलहाल चित्तौड़गढ़ जिले में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। अब सभी की निगाहें भाजपा और कांग्रेस की प्रत्याशी सूचियों पर टिकी हैं। देखना होगा कि दोनों दल टिकट वितरण के दौरान दावेदारों की नाराजगी को किस तरह संभालते हैं और ग्रामीण मतदाता किसके पक्ष में अपना फैसला सुनाते हैं।

DS7NEWS.com | चित्तौड़गढ़

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