पंचायत चुनाव का सबसे रोचक मुकाबला ! सास-बहू आमने-सामने

 राजस्थान पंचायत चुनाव: सास भाजपा से तो बहू कांग्रेस से मैदान में, सीकर में दिलचस्प हुआ सियासी मुकाबला

पहले आमने-सामने लड़ चुकी हैं चुनाव, अब अलग-अलग वार्डों से आजमा रहीं किस्मत; दोनों रह चुकी हैं अपनी-अपनी पार्टी की जिलाध्यक्ष
डीएस सेवन न्यूज सीकर। राजस्थान में जिला परिषद और पंचायत चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनावी मैदान में जहां राजनीतिक दल अपनी जीत के लिए जोर लगा रहे हैं, वहीं सीकर जिले में एक ही परिवार की सास और बहू की अलग-अलग राजनीतिक दावेदारी चर्चा का विषय बनी हुई है। खास बात यह है कि सास भारतीय जनता पार्टी से चुनाव लड़ रही हैं, जबकि बहू कांग्रेस के टिकट पर अपनी किस्मत आजमा रही हैं।

जानकारी के अनुसार, सीकर जिला परिषद के वार्ड नंबर 18 से इंद्रा चौधरी ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है। वहीं उनकी बहू सुनीता गठाला ने वार्ड नंबर 11 से कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर अपनी दावेदारी पेश की है। एक ही परिवार की दो महिलाओं का विरोधी राजनीतिक दलों से चुनावी मैदान में उतरना स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।

 दोनों संभाल चुकी हैं जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी

इस चुनावी मुकाबले की एक और दिलचस्प बात यह है कि सास और बहू दोनों का राजनीति से पुराना नाता रहा है। इंद्रा चौधरी भाजपा की जिलाध्यक्ष रह चुकी हैं, जबकि उनकी बहू सुनीता गठाला भी कांग्रेस में जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। ऐसे में दोनों के पास संगठन और चुनावी राजनीति का अनुभव है।

 पहले सास-बहू के बीच हो चुका है सीधा मुकाबला

यह पहला मौका नहीं है जब सास-बहू की यह जोड़ी चुनावी चर्चाओं में आई हो। इससे पहले जिला परिषद के वार्ड नंबर 10 में दोनों एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ चुकी हैं। उस मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी इंद्रा चौधरी ने अपनी बहू सुनीता गठाला को हराकर जीत दर्ज की थी। इसी जीत के साथ वार्ड नंबर 10 में पहली बार भाजपा का परचम लहराया था।

 इस बार अलग-अलग वार्डों से चुनावी दावेदारी

पिछले चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरने वाली सास-बहू इस बार अलग-अलग वार्डों से चुनाव लड़ रही हैं। इंद्रा चौधरी वार्ड नंबर 18 में भाजपा का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जबकि सुनीता गठाला वार्ड नंबर 11 में कांग्रेस की ओर से चुनावी मैदान में हैं।

अब देखना दिलचस्प होगा कि इस बार मतदाता दोनों के राजनीतिक भविष्य को लेकर क्या फैसला सुनाते हैं। फिलहाल सीकर की यह सास-बहू की जोड़ी पंचायत चुनावों के बीच अपने अनोखे राजनीतिक समीकरण को लेकर सुर्खियों में है।


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