42 साल से पुलिस को चकमा दे रहा था धोखाधड़ी का आरोपी, फुटबॉल कोच बनकर छिपा; खिलाड़ी बनकर पहुंची उदयपुर पुलिस ने दबोचा
उदयपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में 1984 से फरार था आरोपी, हिमाचल प्रदेश के नाहन से गिरफ्तार
डीएस सेवन न्यूज उदयपुर। धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में उदयपुर की धानमंडी थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 1984 से फरार चल रहे 69 वर्षीय विजय कुमार यादव को पुलिस ने हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग राज्यों में अपनी पहचान छिपाकर फुटबॉल कोच के रूप में काम कर रहा था। खास बात यह रही कि आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिसकर्मी खुद खिलाड़ी बनकर उसके पास पहुंचे और कोचिंग लेने के बहाने उसे पकड़ लिया।
नौकरी का झांसा देकर वसूले थे हजारों रुपये
पुलिस के अनुसार, मामला 5 मार्च 1984 का है। उस समय कनावड़ा निवासी भंवर सिंह ने धानमंडी थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि किनारा ग्रुप/अग्रवाल सेल्स के मैनेजर नरेंद्र सिंह यादव और अन्य कर्मचारियों ने संस्थान को भारत सरकार से मान्यता प्राप्त बताकर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था।
इस दौरान शिकायतकर्ता से 3 हजार रुपये लिए गए। इसी तरह अन्य लोगों से भी रकम वसूली गई और कुल 32 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने के बाद कार्यालय बंद कर आरोपी फरार हो गए।
पुलिस ने प्रकरण संख्या 27/1984 दर्ज कर आईपीसी की धारा 420, 406 और 120बी के तहत जांच शुरू की थी। मामले में नौ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, लेकिन विजय कुमार यादव पुलिस की पकड़ से बाहर था।
पहचान बदलकर अलग-अलग राज्यों में काट रहा था फरारी
पुलिस के मुताबिक, हरियाणा के भिवानी जिले के रूपगढ़ निवासी विजय कुमार यादव गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। उसने अपने पैतृक निवास से संबंधित दस्तावेजों से भी अपना नाम हटवा दिया था।
लंबे समय तक पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने फुटबॉल कोच के रूप में काम करना शुरू कर दिया। इसी आड़ में वह अलग-अलग राज्यों में रहकर अपनी पहचान छिपाता रहा।
खिलाड़ी बनकर पहुंची पुलिस, मैदान से किया गिरफ्तार
आरोपी की तलाश में जुटी धानमंडी पुलिस को तकनीकी जांच और मुखबिरों के जरिए उसके हिमाचल प्रदेश में होने की जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस टीम सिरमौर जिले के नाहन पहुंची। यहां चौगान खेल मैदान में आरोपी के फुटबॉल कोच के रूप में सक्रिय होने का पता चला। पुलिसकर्मियों ने खिलाड़ी बनकर उससे संपर्क किया और फुटबॉल की कोचिंग लेने के बहाने उसके करीब पहुंचे।
मौका मिलते ही टीम ने आरोपी विजय कुमार यादव को खेल मैदान से गिरफ्तार कर लिया।
एसपी के निर्देश पर गठित हुई थी विशेष टीम
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देश पर वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश ओझा और वृत्ताधिकारी राजेश यादव के सुपरविजन में धानमंडी थानाधिकारी गजवीर सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी।
कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक राकेश कुमार, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार, कांस्टेबल मनोज कुमार, साइबर सेल के हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह, सहायक उपनिरीक्षक संग्राम सिंह तथा कांस्टेबल प्रकाश डांगी और दिनेश कुमार की अहम भूमिका रही।
करीब 42 साल पुराने धोखाधड़ी के मामले में फरार आरोपी की गिरफ्तारी उदयपुर पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। लंबे समय तक पहचान छिपाकर पुलिस से बचता रहा आरोपी आखिरकार फुटबॉल मैदान से पकड़ा गया।
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