कोटपूतली-बहरोड़ में पंचायत चुनाव का बहिष्कार! नारहेड़ा के बूथ नंबर 44 पर सुबह से नहीं पड़ा एक भी वोट इंतजार करती रही पोलिंग पार्टी

कोटपूतली-बहरोड़ में मतदान का बहिष्कार! नारहेड़ा के बूथ नंबर 44 पर सुबह से नहीं पड़ा एक भी वोट, वार्ड बदलने से नाराज ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
डीएस सेवन न्यूज  कोटपूतली  बहरोड़। पंचायतीराज आम चुनाव 2026 के दूसरे चरण में एक ओर जिले में सुबह 7 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हुई, वहीं दूसरी ओर नारहेड़ा में ग्रामीणों की नाराजगी के चलते मतदान का बहिष्कार देखने को मिला। महात्मा गांधी विद्यालय स्थित बूथ संख्या 44 पर वार्ड नंबर 17 के मतदाताओं ने मतदान से दूरी बनाए रखी। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह से बूथ पर एक भी वोट नहीं डाला गया।

वार्ड के मतदाताओं को दूसरे स्थान पर जोड़ने से नाराजगी

जानकारी के अनुसार, नारहेड़ा में नवगठित वार्ड नंबर 17 के मतदाताओं में मतदान व्यवस्था को लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत और वार्ड पंच के लिए उनका मतदान केंद्र नारहेड़ा में रखा गया है, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव के लिए मतदाताओं को दूसरे स्थानों पर जोड़ दिया गया है।

इसी व्यवस्था के विरोध में ग्रामीणों ने जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में मतदान नहीं करने का फैसला लिया है।

कलेक्टर को ज्ञापन देने के बावजूद नहीं हुआ समाधान

ग्रामीणों ने बताया कि मतदान से एक दिन पहले जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की गई थी। उनका कहना है कि मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों के अनुसार, दूसरे मतदान केंद्रों की दूरी करीब 2 से ढाई किलोमीटर है। उनकी मांग है कि वार्ड नंबर 17 के मतदाताओं के लिए सभी संबंधित चुनावों की मतदान व्यवस्था नारहेड़ा में ही रखी जाए।

बूथ पर तैनात रही पोलिंग पार्टी, मतदाताओं का इंतजार

मतदान बहिष्कार के बीच महात्मा गांधी विद्यालय स्थित बूथ संख्या 44 पर मतदान दल और पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पर तैनात रहे। हालांकि, रिपोर्टिंग के दौरान बूथ पर एक भी मतदाता वोट डालने नहीं पहुंचा।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव की मतदान व्यवस्था को लेकर है।

30 अक्टूबर को सरपंच चुनाव में करेंगे मतदान

ग्रामीणों ने बताया कि 30 अक्टूबर को प्रस्तावित सरपंच चुनाव में वे मतदान करेंगे, क्योंकि सरपंच चुनाव के लिए उनकी मतदान व्यवस्था नारहेड़ा में ही है। उन्होंने कहा कि उनका विरोध मतदान प्रक्रिया से नहीं, बल्कि मतदाताओं को दूसरे स्थानों पर जोड़ने के फैसले से है।

फिलहाल ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन ग्रामीणों की नाराजगी और मतदान बहिष्कार को लेकर क्या कदम उठाता है।

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