चित्तौड़गढ़ गंगरार 4 दिन से जमीन पर पड़े 11 केवी लाइन के तार बने काल, करंट की चपेट में आने से दादा-पोते की दर्दनाक मौत

डीएस सेवन न्यूज गंगरार। उपखंड क्षेत्र की जोजरो का खेड़ा ग्राम पंचायत में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में दादा और पोते की करंट लगने से मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही को घटना का जिम्मेदार बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।

जानकारी के अनुसार मोहनलाल अहीर (50) और उनका सुपौत्र अर्पित उर्फ कन्हैयालाल (13) शनिवार को अपने खेत पर जुताई के लिए पहुंचे थे। दोपहर करीब 12 बजे दोनों खेत की मेड़ की सफाई करने के लिए मेड़ की ओर गए, जहां पहले से 11 केवी विद्युत लाइन के टूटे हुए तार जमीन पर पड़े थे। तारों में करंट प्रवाहित होने के कारण दोनों उसके संपर्क में आ गए और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल प्रशासन और बिजली विभाग को सूचना दी। इसके बाद उपखंड अधिकारी पुनीत कुमार, जैन सत्यनारायण आमेरिया तथा बिजली विभाग का एक कर्मचारी मौके पर पहुंचे।

ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष विरोध जताते हुए बताया कि चार दिन पहले बारिश और तेज हवा के कारण 11 केवी लाइन का पोल और तार टूटकर जमीन पर गिर गए थे। इसकी सूचना विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को समय रहते दे दी गई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि विभाग समय पर कार्रवाई करता तो यह हादसा टाला जा सकता था।

हादसे के बाद ग्रामीणों ने धरना देते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग भी उठाई। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें पूरी होने तक शव नहीं उठाए जाएंगे।

स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा। देर शाम तक वार्ताओं का दौर चलता रहा। इस दौरान संबंधित विभाग की ओर से दोनों मृतकों के लिए दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से लाभ दिलाने का आश्वासन दिया गया।

बाद में दोनों शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगरार पहुंचाया गया। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन, ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों के बीच वार्ता जारी थी तथा पूर्ण सहमति नहीं बन पाई थी।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई स्थानों पर बिजली के तार झूल रहे हैं और पेड़ों की टहनियों में उलझे हुए हैं, जो लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं। इसके बावजूद विभाग द्वारा आवश्यक सुधार कार्य नहीं किए जा रहे हैं।

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