उदयपुर में छात्रसंघ चुनाव की मांग पर ABVP-NSUI आमने-सामने, एमएलएसयू परिसर बना आंदोलन का अखाड़ा
कॉलेज बंद कराने को लेकर दोनों छात्र संगठनों में नोकझोंक, पुलिस ने संभाला मोर्चा; चुनाव बहाली की मांग पर पूरे राजस्थान में तेज हो रहा छात्र आंदोलन
डीएस सेवन न्यूज उदयपुर। राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग अब लगातार उग्र होती जा रही है। गुरुवार को उदयपुर स्थित मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (एमएलएसयू) परिसर छात्र राजनीति का केंद्र बन गया, जहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) ने अलग-अलग प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध जताया। इस दौरान दोनों छात्र संगठनों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिससे विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
आंदोलन के दौरान दोनों संगठनों ने विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों को बंद कराने का प्रयास किया। इसी बीच आर्ट्स कॉलेज बंद कराने को लेकर ABVP और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और टकराव की स्थिति बन गई। सूचना पर मौके पर मौजूद प्रतापनगर थाना पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
वहीं, छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग अब केवल उदयपुर तक सीमित नहीं रही है। जयपुर सहित प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भी छात्र संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। कहीं छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं तो कहीं टंकियों पर चढ़कर विरोध दर्ज कराया जा रहा है। लगातार बढ़ते आंदोलन से यह स्पष्ट है कि छात्रसंघ चुनाव का मुद्दा अब प्रदेशभर में जोर पकड़ चुका है।
हालांकि, राज्य सरकार की ओर से अब तक छात्रसंघ चुनाव कराने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा या आदेश जारी नहीं किया गया है। ऐसे में इस वर्ष भी चुनाव होने को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। दूसरी ओर, राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा भी है कि प्रस्तावित पंचायत और निकाय चुनावों के चलते छात्रसंघ चुनाव प्रभावित हो सकते हैं। जानकारों के अनुसार 15 अगस्त के आसपास पंचायत और निकाय चुनाव का कार्यक्रम जारी होने तथा आचार संहिता लागू होने की संभावना जताई जा रही है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस वर्ष भी छात्रसंघ चुनाव नहीं हो पाएंगे, या फिर लगातार बढ़ते छात्र आंदोलन के बीच सरकार कोई ठोस निर्णय लेकर चुनाव बहाल करेगी। फिलहाल प्रदेशभर में छात्र संगठनों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है और सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।
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