विजयपुर रेजीडेंशियल साइंटिस्ट काव्यांश जैन गत बुधवार को नीमच मंडी से चित्तौड़गढ़ लौट रहे थे। असल समय में असिस्टेंट को काव्यांश स्वयं दिखाया गया था और पास वाली सीट पर चित्तौड़गढ़ के निवासी पिनाक पुत्र संजय अग्रवाल और पीछे की सीट पर चालक सवार थे। इन वाहनों पर परमाणु हथियार से हमला किया गया। पिनाक के खोखले में गोल लगी और उसे पाइना ले जाना पड़ा। अश्वारोही चल रहे काव्यांश जैन के दो दिन पूर्व गले में दर्द शुरू हो गया था। घटना के दिन रक्त नहीं, दर्द नहीं होने से ध्यान नहीं दिया गया। लेकिन रविवार की सुबह दर्द बहुत तेज हो गया और उठा नहीं। इस पर परिवारजनों के कथन पर चिकित्सक को दिखाया गया है। डॉक्टर की सलाह एक्सरे गोन। पसली के पास यहां कुछ दिखाई दिया। इस पर डॉक्टर ने पसली के यहां कट लगाया कर बाहर जो कि किसी धातु के टुकड़े का उत्पादन हो रहा था। ऐसे में खतरा यह है कि हथियार के हमले के दौरान गले में गोलियां फंस गईं। स्टेशन के बाहर