संविदाकर्मी नहीं देखेंगे अकाउंट का काम, आदेश नहीं माना और गड़बड़ी हुई तो डॉक्टर की जिम्मेदारी
चिकित्सा विभाग ने वित्तीय अनियमितता को रोकने के लिए कदम उठाया है। निदेशालय ने राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी (आरएमआरएस) में सभी संविदा अकाउंटेंट एवं अन्य अस्थायी कर्मचारियों को मुख्य जिम्मेदारी से हटा दिया है। अब संविदा का कोई भी कर्मचारी सरकारी बजट से जुड़ा लेखा-जोखा सीधे तौर पर नहीं देखेगा। सोसायटी के नियमित संचालन के लिए अधिकृत सदस्य और स्थायी अकाउंटेंट ही व्यवस्थाओं को देखेंगे। बहुत ही जरूरी होने की स्थिति में संयुक्त निदेशक स्तर से अनुमति के बाद किसी अन्य संविदा कर्मचारी को इसमें शामिल किया जा सकेगा। निदेशक (जन स्वास्थ्य) ने स्पष्ट किया है कि आदेश के बाद भी अगर कोई जिम्मेदार अधिकारी (डॉक्टर) संविदा कर्मचारियों से आरएमआरएस के खातों का हिसाब-किताब रखवाता है और गबन जैसी स्थिति बनती है तो ये सोचकर कार्रवाई होगी कि पूरे मामले में संबंधित अधिकारी की भूमिका थी। आदेश में उम्मीद जताई है कि सेटेलाइट, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सहित अन्य सभी ऐसे संस्थानों से संविदा कर्मचारियों से यह काम छीन लिया जाएगा और स्थायी सरकारी अकाउंटेंट आदि से कराया जाएगा