ऑपरेशन त्रिनेत्र: एक दिन में 65 गिरफ्तार, 22 मादक पदार्थ तस्कर दबोचे; 2.344 किग्रा अफीम, 83 किलो डोडाचूरा, स्मेक-एमडी जब्त

ऑपरेशन त्रिनेत्र: एक दिन, कई मोर्चे और तस्करी पर सख्त प्रहार
डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़गढ़ जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और वांछित अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने एक दिवसीय विशेष अभियान चलाकर व्यापक कार्रवाई को अंजाम दिया। यह अभियान केवल धरपकड़ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस की रणनीतिक मौजूदगी, नाकाबंदी और सूचनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया का समन्वित उदाहरण बनकर सामने आया। पूरे जिले में एक साथ सक्रिय हुई टीमों ने संवेदनशील और चिन्हित क्षेत्रों में प्रभावी एरिया डोमिनेशन स्थापित करते हुए कई मोर्चों पर सफलता दर्ज की।

अभियान के दौरान मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने तस्करी के कुल 9 प्रकरण दर्ज कर अवैध अफीम, डोडाचूरा, स्मेक और एमडी जैसे प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए। जब्त सामग्री में 2.344 किलोग्राम अफीम, लगभग 83 किलोग्राम डोडाचूरा, 2.9 ग्राम स्मेक और 2.75 ग्राम एमडी शामिल है। ये आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि पुलिस ने केवल छोटे स्तर की गतिविधियों पर नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क पर भी फोकस रखा।
पूरे अभियान की खासियत इसका पैमाना और तैयारी रही। पुलिस की 85 टीमों ने एक साथ विभिन्न थाना क्षेत्रों में गश्त, नाकाबंदी और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की। इस व्यापक तैनाती का उद्देश्य अपराधियों की आवाजाही पर अंकुश लगाना और संभावित ठिकानों पर दबिश देना था। कार्रवाई के दौरान दो ईनामी अपराधियों और 9 हिस्ट्रीशीटरों को भी हिरासत में लिया गया, जिससे जिले में सक्रिय अपराधियों के मनोबल पर स्पष्ट असर देखा गया।

जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि अभियान की रूपरेखा पूर्व तैयारी और स्थानीय इनपुट के आधार पर तैयार की गई थी। वृत्तवार और थानावार अपराधियों की सूचियां बनाकर टीमों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गईं। दबिश स्थलों का चयन करते समय पूर्व रिकॉर्ड, गतिविधियों के पैटर्न और संदिग्धों की हालिया मूवमेंट को ध्यान में रखा गया। इस सुनियोजित दृष्टिकोण ने अभियान को अधिक प्रभावी बनाया।
महानिरीक्षक उदयपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव के निर्देशन और एएसपी सरिता सिंह के सुपरविजन में चले इस अभियान में केवल एनडीपीएस अधिनियम के तहत ही नहीं, बल्कि आबकारी अधिनियम, आर्म्स एक्ट और जुआं अध्यादेश से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की गई। आबकारी अधिनियम के तहत 10 प्रकरण दर्ज कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि आर्म्स एक्ट के 7 मामलों में भी 7 आरोपियों को पकड़ा गया। जुआं अध्यादेश के अंतर्गत 3 प्रकरण दर्ज किए गए।

दबिश और तलाशी के दौरान पुलिस ने पुराने वांछित अपराधियों पर भी शिकंजा कसा। विभिन्न श्रेणियों में कुल 52 वांछित आरोपियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें आबकारी, आर्म्स एक्ट, संपत्ति संबंधी अपराध और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े व्यक्ति शामिल रहे। इसके अतिरिक्त, थानों के हिस्ट्रीशीटरों को बुलाकर उनकी गतिविधियों की समीक्षा की गई और आवश्यक पूछताछ की गई।

पुलिस की इस समन्वित कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू अपराधियों के नेटवर्क और स्रोतों की पड़ताल भी है। गिरफ्तार आरोपियों से मादक पदार्थों के स्रोत, वितरण चैनल और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में गहन पूछताछ जारी है। इससे आगे की कार्रवाई के लिए अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।

अभियान के समापन पर पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की तस्करी समाज और विशेषकर युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। इस दिशा में कठोर और निरंतर कार्रवाई की नीति अपनाई जाएगी। एक दिन में हासिल हुई इन सफलताओं ने यह संकेत दिया है कि जिले में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था के प्रति पुलिस का रुख सख्त और सक्रिय बना हुआ है।

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