2 दिनों तक चलता रहा इंतज़ार: ऊंणी में नाव डूबने के बाद पुष्कर लोहार की ढूंढने में सरकारी तंत्र को लगा इतना समय, उठे सवाल



डीएस सेवन न्यूज मध्य प्रदेश के जावरा तहसील के गांव ऊंणी में 15 फरवरी को हुई नाव डूबने की घटना ने पूरे इलाके को गहरी बेचैनी और प्रार्थनाओं में डुबो दिया था। हादसे के बाद लापता हुए ग्राम ऊंणी निवासी पुष्कर जी लोहार को लगातार दो दिनों तक तलाशा जाता रहा। उम्मीदें कायम थीं, ग्रामीणों की निगाहें नदी के किनारे टिकी थीं और परिवार की हर धड़कन किसी चमत्कार की प्रतीक्षा कर रही थी।

खोज अभियान के दौरान प्रशासन की टीम सक्रिय रही, वहीं केवट समाज के लोगों ने भी पूरी निष्ठा से सहयोग दिया। नदी में लगातार प्रयासों के बाद आज पुष्कर जी को बाहर निकाला गया, लेकिन यह क्षण राहत नहीं, असहनीय शोक लेकर आया। पुष्कर जी अब इस दुनिया में नहीं रहे। खबर मिलते ही गांव का माहौल एकदम शांत और भारी हो गया।
इस दुखद घटना ने एक परिवार की दुनिया बदल दी। घर का सहारा छिन गया, माँ-पिता के जीवन में ऐसा खालीपन आ गया जिसे भर पाना असंभव सा प्रतीत होता है। गांव में हर चेहरे पर पीड़ा साफ दिखाई दी, मानो यह दुःख केवल एक घर का नहीं, पूरे ऊंणी का हो।

ग्रामीणों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। हादसे ने एक बार फिर सभी को जीवन की अनिश्चितता और सुरक्षा के महत्व का एहसास करा दिया। ऊंणी आज शोक में है, और पुष्कर जी की यादें हर दिल में जीवित हैं।

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