डीएस सेवन न्यूज निंबाहेड़ा निंबाहेड़ा–मंगलवाड़ मार्ग एक बार फिर क्षेत्रीय चर्चा के केंद्र में है। लंबे समय से खस्ताहाल इस सड़क को लेकर स्थानीय स्तर पर उठती आवाज़ों के बीच अब राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज़ दिखाई दे रही है। पूर्व जिला प्रमुख भूपेंद्र सिंह सोलंकी ने उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी से मुलाकात कर मार्ग की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। बताया जा रहा है कि मुलाकात के दौरान सड़क की बदहाली, आवागमन में आ रही दिक्कतों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
निंबाहेड़ा और मंगलवाड़ को जोड़ने वाला यह मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन वर्तमान हालात यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। फोरलेन स्वीकृति की बात सामने आने के बाद भी जमीनी स्तर पर कार्य प्रगति को लेकर स्पष्टता नहीं दिखती। स्थानीय नागरिकों के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि स्वीकृत योजनाओं के बावजूद निर्माण कार्य में देरी क्यों बनी हुई है।
सड़क की स्थिति के साथ-साथ टोल वसूली को लेकर भी लोगों में असंतोष देखा जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि जर्जर मार्ग पर शुल्क वसूली का औचित्य समझ से परे है। इसके अलावा, मार्ग पर घटित हो रही दुर्घटनाओं ने भी चिंता बढ़ाई है, जिससे सुरक्षा उपायों और जवाबदेही पर चर्चा तेज़ हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वरिष्ठ नेताओं के सक्रिय होने से प्रशासनिक स्तर पर दबाव बढ़ सकता है। जनता को उम्मीद है कि बढ़ती चर्चाओं के बीच समाधान की दिशा में ठोस कदम उठेंगे। प्रदेश की राजनीति में पहले भी जनहित के मुद्दों पर स्पष्ट रुख देखने को मिला है, जिनमें उदयलाल आंजना जैसे नेताओं के उदाहरण दिए जाते हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निंबाहेड़ा–मंगलवाड़ मार्ग के मामले में आगे क्या निर्णय सामने आता है और क्षेत्रीय अपेक्षाओं को किस तरह संबोधित किया जाता है।
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