राजसमंद में हालात तनाव पुर्ण 4 लाख मुआवजे पर बनी बात, 3 एएसपी-3 डीएसपी समेत 15 थानेदार का पुलिस बल के साथ पुलिस छावनी में तब्दील गांव

राजसमंद में तनावपूर्ण हालात के बीच 4 लाख मुआवजे पर सहमति, पुलिस छावनी बना गांव
3 एएसपी, 3 डीएसपी समेत 15 थानेदार के साथ पुलिस बल तैनात 

डीएस सेवन न्यूज राजसमंद जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद उपजा विवाद शनिवार को हिंसक घटनाक्रम में बदल गया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। पथराव और पुलिस के लाठीचार्ज के बाद प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। रविवार को दिनभर चली वार्ताओं के बाद आखिरकार 4 लाख रुपये की सहायता राशि पर सहमति बन गई, जिससे स्थिति को शांत करने में सफलता मिली।

जानकारी के अनुसार लाखागुड़ा निवासी राजूसिंह पुत्र नारायणसिंह रावत कार से कामलीघाट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मृतक राजूसिंह बग्गड़ स्थित स्तुति हॉस्पिटल में वार्ड बॉय के रूप में कार्यरत था। युवक की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण शव को लेकर अस्पताल पहुंचे तथा परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग करने लगे। ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन से 10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की मांग रखी, लेकिन सहमति नहीं बनने पर मामला लगातार गर्माता गया।

स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कुछ लोगों को अपने साथ ले जाने का प्रयास किया, जिससे भीड़ आक्रोशित हो गई। देखते ही देखते पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया।

रविवार को हालात को देखते हुए बग्गड़ गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। 3 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 3 डीएसपी और 15 थाना प्रभारियों सहित भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीण प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत की।

आखिरकार स्तुति हॉस्पिटल की ओर से 2 लाख रुपये तथा भीम विधायक हरिसिंह रावत की ओर से 2 लाख रुपये की सहायता राशि देने पर सहमति बनी। इसके बाद लंबे समय से चला आ रहा गतिरोध समाप्त हुआ और प्रशासन ने राहत की सांस ली।

पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल ने बताया कि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। वहीं देवगढ़ थाना पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है।

इधर, भीम के पूर्व विधायक सुदर्शन सिंह रावत ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी पक्ष की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए।

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