चित्तौड़गढ़ भदेसर फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी लेने के आरोप में शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज

दिव्यांग कोटे से शिक्षक भर्ती पर सवाल: पुनः मेडिकल जांच में मानक से कम मिली दिव्यांगता, शिक्षक पर मामला दर्ज
डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़गढ़। जिले में दिव्यांग श्रेणी के तहत सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में एक शिक्षक के खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोप है कि शिक्षक ने दिव्यांग कोटे का लाभ लेकर नियुक्ति प्राप्त की, जबकि बाद में कराए गए पुनः मेडिकल परीक्षण में उनकी दिव्यांगता भर्ती के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।

मामला राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, बानसेन में कार्यरत शिक्षक लेवल-1 चंद्रेश कुमार से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार उनकी नियुक्ति वर्ष 2022 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत दिव्यांग श्रेणी में हुई थी। राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के निर्देशों के तहत दिव्यांग कोटे से नियुक्त कर्मचारियों के प्रमाण-पत्रों और पात्रता की पुनः जांच की जा रही है। इसी क्रम में चंद्रेश कुमार का मेडिकल बोर्ड से दोबारा परीक्षण कराया गया।

पुनः मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट में उनकी दिव्यांगता भर्ती के लिए निर्धारित 40 प्रतिशत मानक से कम पाई गई। रिपोर्ट सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) राजेंद्र शर्मा के अनुसार विभागीय जांच एवं मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। वहीं प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी पत्र में भी उल्लेख किया गया कि पुनः परीक्षण में संबंधित कार्मिक की दिव्यांगता भर्ती के लिए तय मापदंडों के अनुरूप नहीं पाई गई।

प्रधानाचार्य की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ मामला

भदेसर थानाधिकारी विनोद मेनारिया ने बताया कि राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, बानसेन की प्रधानाचार्य शशि द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया कि निदेशक प्रारंभिक शिक्षा, बीकानेर ने 10 सितंबर 2025 को सभी जिलों को निर्देश जारी कर शिक्षक भर्ती वर्ष 2016, 2018, 2021-22 एवं 2022 में दिव्यांग कोटे से नियुक्त कर्मचारियों का पुनः मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराने के आदेश दिए थे।

इसके अतिरिक्त कार्मिक विभाग द्वारा 28 अगस्त 2025 को जारी परिपत्र में स्पष्ट किया गया था कि यदि किसी कर्मचारी की दिव्यांगता निर्धारित मानकों से कम पाई जाती है अथवा दिव्यांगता प्रमाण-पत्र फर्जी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों की सूचना विशेष जांच दल (एसओजी) को भेजने के भी निर्देश दिए गए थे।

दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस

निर्देशों की पालना में कराए गए पुनः मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट के बाद विद्यालय प्रशासन ने संबंधित दस्तावेजों के साथ शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय को भेजी। वहां से मामला भदेसर थाना पुलिस को भेजा गया, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने शिक्षक चंद्रेश कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 338, 336(3) एवं 340(2) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी के रूप में भदेसर थानाधिकारी विनोद कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस भर्ती प्रक्रिया, नियुक्ति संबंधी अभिलेख, प्रस्तुत दिव्यांग प्रमाण-पत्र तथा मेडिकल रिपोर्ट सहित सभी दस्तावेजों की विस्तृत जांच कर रही है।

प्रदेशभर में चल रही समीक्षा प्रक्रिया

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में दिव्यांग कोटे से नियुक्त कर्मचारियों के मामलों की समीक्षा की जा रही है। कई स्थानों से समय पर कार्रवाई रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने पर निदेशालय स्तर से स्मरण पत्र भी जारी किए गए थे। इसके बाद पुनः मेडिकल परीक्षण और जांच प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। विभागीय कार्रवाई के दौरान आने वाले समय में ऐसे अन्य मामलों के भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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