उदयपुर पिछोला में हजारों की संख्या में मरी मछलियां, अलग-अलग जगहों से 5 सैंपल लिए, सभी में ऑक्सीजन का स्तर कम

उदयपुर  पिछोला में हजारों की संख्या में मरी मछलियां, अलग-अलग जगहों से 5 सैंपल लिए, सभी में ऑक्सीजन का स्तर कम
पिछोला झील में घुलनशील ऑक्सीजन की कमी से मछलियां फिर से मरने लगी हैं। ब्रह्मपोल दरवाजे के आगे कब्रिस्तान के पीछे की ओर पुराने धोबी घाट के समीप पानी में हजारों की संख्या में मछलियां सतह पर तैरती दिखीं। इधर, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (आरएसपीसीबी) ने चार दिन पहले पिछलो झील से अलग-अलग जगहों से लिए गए पांच नमूनों की रिपोर्ट भी जारी की। कुल 20 मापदंडों पर हुई जांच में सर्वाधिक खराब रिपोर्ट घुलनशील ऑक्सीजन की रही। नियमानुसार पानी में घुलनशील ऑक्सीजन का स्तर पर 5 मिलीग्राम प्रति लीटर होना चाहिए, जबकि रिपोर्ट के अनुसार झील के अलग-अलग हिस्सों में ऑक्सीजन का स्तर मानक के अनुरूप नहीं मिला। चिंता इस बात की भी है कि इसी झील का पानी शहर के बड़े इलाके में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) की ओर से घरों में सप्लाई होता है। कम ऑक्सीजन वाले पानी से लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। दूसरी ओर प्रशासन से लेकर विभाग के बड़े अधिकारी पूरे मामले को लेकर खामोश हैं। इधर, झील में मरी हुई मछलियों को भी बाहर निकालने के प्रयास नहीं हो रहे हैं। ऐसे में मरी हुई मछलियां भी पानी की गुणवत्ता को और खराब कर सकती हैं

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