मुआवजा नहीं दिया तो कोर्ट ने डीडवाना कलेक्टर की कार और पालिका का ऑफिस किया कुर्क।

डीएस सेवन न्यूज़ डीडवाना जिले के नावां में मुआवजा भुगतान की लापरवाही अब प्रशासन पर भारी पड़ गई है। महिला मजदूर की मौत के बाद उसके परिवार को राहत राशि न मिलने से नाराज़ सीनियर सिविल जज धर्मेंद्र जाखड़ ने जिस तरह सख्त रुख अपनाया, उसने पूरे जिले में हलचल मचा दी। अदालत ने साफ कहा कि वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मामले की सुनवाई के दौरान जज ने पाया कि मजदूर परिवार की जिंदगी बीमारी और आर्थिक तंगी में फंसी रही, लेकिन फाइलें सिर्फ दफ्तरों के चक्कर काटती रहीं। इसी लापरवाही पर कोर्ट ने कलेक्टर और नगर पालिका को सीधे घेरा और आदेश दिया कि अब जिम्मेदारी से बचने का कोई मौका नहीं दिया जाएगा। अदालत ने चेतावनी देते हुए डीएम की कार और नगर पालिका के महत्वपूर्ण दस्तावेज़-सामान तक जब्त करने का आदेश जारी कर दिया।

इस अचानक हुए एक्शन से प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। नगर पालिका के अधिकारियों ने कोर्ट से एक दिन की मोहलत मांगी, जिसे मंजूर तो किया गया, लेकिन साफ शर्त के साथ कि 24 घंटे बाद कोई बहाना नहीं सुना जाएगा। गुरुवार को फिर सुनवाई हुई और अब सभी की नजरें इस पर टिक गई हैं कि आखिर प्रशासन मजदूर परिवार को न्याय दिलाने में कितनी गंभीरता दिखाता है।

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि जब सिस्टम सुस्त पड़ जाए, तो अदालत ही आम लोगों की आखिरी उम्मीद बनती है।

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