चित्तौड़गढ़ 12 दिसंबर को चित्तौड़गढ़ आएंगे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, तैयारी शुरू पहले प्रशासन अलर्ट”

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के चित्तौड़गढ़ दौरे की तैयारी शुरू, जिंक प्लांट में नए बदलाव की आहट तेज
डीएस सेवन न्यूज़ चित्तौड़गढ़ में 12 दिसंबर का दिन इस बार सिर्फ तारीख नहीं, बल्कि एक बड़े औद्योगिक कदम का साक्षी बनने वाला है। हिंदुस्तान जिंक के फर्टिलाइज़र प्लांट के भूमिपूजन को लेकर जिले में तैयारियों की रफ्तार ऐसी है जैसे कोई बड़ा आयोजन शहर की धड़कनें बढ़ा रहा हो। मंगलवार को प्रशासनिक हलचल दिनभर बनी रही और इसकी कमान खुद जिला कलेक्टर आलोक रंजन और पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी संभाले हुए थे। दोनों अधिकारियों ने सुबह से लेकर शाम तक हर उस जगह की बारीकी से जांच की, जो मुख्यमंत्री की यात्रा से जुड़ी है।

भूमिपूजन स्थल पर पहुंचते ही सबसे पहले जिस बात पर ध्यान गया, वह थी सुरक्षा व्यवस्था। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी स्थिति में सुरक्षा ढीली न पड़े। पार्किंग से लेकर मंच की संरचना, आम लोगों की आवाजाही से लेकर अतिथियों के बैठने की व्यवस्था तक हर जगह टीमों को तुरंत दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन की यह सक्रियता साफ दिखाती है कि सरकार इस कार्यक्रम को सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि जिले के औद्योगिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देख रही है।

गंगरार थाना क्षेत्र स्थित प्लांट पर निरीक्षण के दौरान कलेक्टर और एसपी अकेले नहीं थे। उनके साथ एएसपी सरिता सिंह, एसडीएम गंगरार, डीएसपी ग्रामीण, एसएचओ गंगरार और चंदेरिया सहित कई अधिकारी मौजूद थे। सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों की तैयारियों की चेकलिस्ट लिए लगातार समीक्षा करते रहे। सुरक्षा, रूट लाइनिंग, वीआईपी गैलरी, आगमन–प्रस्थान मार्ग… हर बिंदु पर टीमों ने现场 पर ही प्लान को दोबारा पुख्ता किया।

सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा था—हेलीपैड का निरीक्षण। यहाँ प्रशासन का रुख और भी सतर्क दिखाई दिया। हेलीपैड की बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रित करने की रणनीति और मुख्यमंत्री के मूवमेंट रूट को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। पुलिस और प्रोटोकॉल अधिकारियों के साथ कलेक्टर ने उस व्यवस्था को परखना चाहा, जो मुख्यमंत्री के उतरने से लेकर पूरे कार्यक्रम स्थल तक बनी रहनी चाहिए।

एसपी मनीष त्रिपाठी ने मौके पर ही स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को नज़रअंदाज़ न किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के यात्रा मार्ग पर ट्रैफिक पूरी तरह नियंत्रित रहना चाहिए, इसलिए एक विशेष यातायात योजना तैयार की गई है। साथ ही फायर ब्रिगेड को कार्यक्रम के दौरान स्टैंडबाय रखने के आदेश भी दिए गए।

इन सारी तैयारियों के बीच एक बात साफ है—चित्तौड़गढ़ आने वाला यह कार्यक्रम केवल औपचारिक भूमिपूजन नहीं, बल्कि जिले के औद्योगिक मानचित्र पर एक नई रेखा खींचने वाला अवसर माना जा रहा है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त तैयारियाँ इस बात का संकेत हैं कि मुख्यमंत्री का यह दौरा न सिर्फ महत्वपूर्ण है, बल्कि जिले के विकास की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ने का भरोसा भी दे रहा है।

Post a Comment

Previous Post Next Post