छप्पर पोश में आग लगने से जिंदा जल गई 2 सगी बहने व 15 मवेशियों की मौत।

दो बहनों की चीखें भी न रोक सकीं आग का कहर: पीपलवाड़ा में शॉर्ट सर्किट से रात में मचा हाहाकार, 15 मवेशी भी झुलसे
डीएस सेवन न्यूज़ सवाईमाधोपुर। मलारना डूंगर थाना क्षेत्र के पीपलवाड़ा गांव में मंगलवार देर रात अचानक ऐसी त्रासदी घटी, जिसने पूरे गांव को सन्न कर दिया। एक साधारण-सा कच्चा छप्परपोश घर, जिसमें रोज की दिनचर्या चलती थी, कुछ ही मिनटों में भयंकर आग की लपटों में बदल गया। इस आग ने सिर्फ एक झोपड़ी नहीं जलाई, बल्कि एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। इस दर्दनाक हादसे में दो मासूम सगी बहनों—14 वर्षीय प्रिया नायक और 8 वर्षीय पूजा नायक—की मौत हो गई, साथ ही लगभग 15 मवेशी भी जिंदा जल गए।

थाना प्रभारी राजेश मीणा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण विद्युत शॉर्ट सर्किट सामने आया है। हादसा तब हुआ जब घर के मुखिया रमेश नायक अपनी पत्नी के साथ गंगापुर सिटी में एक धार्मिक कार्यक्रम में गए हुए थे। भगवान देवनारायण के फड़ पढ़ने का काम करने वाले रमेश को शायद अंदाज़ा भी नहीं था कि उनकी गैरमौजूदगी में घर पर ऐसी विपदा टूट पड़ेगी।

घटना के समय दोनों बच्चियों के दादा रामजीलाल और दादी रामेश्वरी घर के बाहर सो रहे थे। रात की खामोशी में अचानक उठी चीखें और जलते छप्पर की तेज़ रोशनी ने उन्हें नींद से झकझोर दिया। जैसे ही वे उठे, लपटें तेजी से फैल चुकी थीं। उन्होंने तुरंत पास ही रहने वाले अपने दोनों पुत्रों—कमलेश और छोटिया—को आवाज देकर बुलाया। चारों ने मिलकर आग बुझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन आग की रफ्तार इतनी तेज थी कि वे अंदर फंसी दोनों बच्चियों और मवेशियों को बाहर नहीं निकाल सके।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि आग इतनी भयानक थी कि किसी को पास जाने की हिम्मत ही नहीं हुई। दोनों बहनों को जब गंभीर हालत में बाहर निकाला गया और तत्काल मलारना डूंगर चिकित्सालय ले जाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर अमन कुमार ने बताया कि आग की तीव्रता इतनी भयावह थी कि बच्चियों के पैर और जीभ तक पिघल गई थी।

गांव में बुधवार सुबह मातम पसरा रहा। प्रशासन और हल्का पटवारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। रमेश नायक के कुल छह बच्चे हैं—चार बेटियां और दो बेटे—जिनमें प्रिया तीसरी और पूजा पांचवीं संतान थीं।

यह हादसा सिर्फ एक परिवार नहीं, पूरे गांव के लिए गहरा आघात बनकर आया है। गांव वालों का कहना है कि बिजली के पुराने तार और कच्चे घरों में बढ़ता शॉर्ट सर्किट का खतरा अब एक बड़ी चेतावनी है, जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।

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