डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़गढ़। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) चित्तौड़गढ़ की टीम ने सिंहपुर ग्राम पंचायत के दो कार्मिकों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। कार्रवाई गुरुवार को की गई, जब बिलों के भुगतान के बदले कथित तौर पर मोटी रकम की मांग की जा रही थी।
एसीबी के अनुसार, एक ठेकेदार फर्म द्वारा ग्राम पंचायत क्षेत्र में करवाए गए विकास कार्यों के भुगतान को लेकर यह पूरा मामला सामने आया। परिवादी ने शिकायत में बताया कि उसकी फर्म ने लगभग 12 लाख 80 हजार रुपए के विकास कार्य पूरे किए थे। मई और जून 2025 के सात बिलों की ऑनलाइन एंट्री होने के बावजूद भुगतान अटका हुआ था। आरोप है कि भुगतान जारी करने के बदले 2 लाख 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर चित्तौड़गढ़ इकाई ने गोपनीय सत्यापन किया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के पर्यवेक्षण तथा पुलिस उप अधीक्षक हरिश्चंद्र सिंह के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। टीम ने सिंहपुर पहुंचकर जाल बिछाया। तय संकेत मिलते ही टीम ने दबिश दी और ग्राम विकास अधिकारी पारसराम विश्नोई तथा कनिष्ठ सहायक बाबूलाल शर्मा को रिश्वत की राशि स्वीकार करते हुए पकड़ लिया।
बताया गया कि आरोपियों ने कुल 2 लाख 10 हजार रुपए की अवैध राशि ली, जिसमें नगद रकम के साथ एक बड़ा हिस्सा चेक के रूप में शामिल था। गिरफ्तारी के बाद दोनों को एसीबी कार्यालय चित्तौड़गढ़ लाया गया, जहां विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
एसीबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इस प्रकरण में अन्य लोग या स्तर भी जुड़े तो नहीं हैं। विभागीय प्रक्रियाओं और वित्तीय लेनदेन की परतें भी खंगाली जा रही हैं।
इस कार्रवाई को जिले में सरकारी कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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