चित्तौड़गढ़ हिंदुस्तान जिंक चंदेरिया में लेवल-3 मॉक ड्रिल सफल SO2 गैस लीकेज पर तुरंत काबू

आपदा तैयारी की परख: चंदेरिया में लेवल-3 मॉक ड्रिल, SO2 लीकेज पर त्वरित नियंत्रण
डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़गढ़, 23 फरवरी। औद्योगिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तत्परता को परखने के उद्देश्य से हिंदुस्तान जिंक के चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में सोमवार को लेवल-3 आपातकालीन प्रतिक्रिया मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। अभ्यास का परिदृश्य ‘हाइड्रो-2 रोस्टर प्लांट’ के एचजीपी आउटलेट डक्ट क्षेत्र में SO2 (सल्फर डाइऑक्साइड) गैस लीकेज पर आधारित रखा गया। निर्धारित समय पर जैसे ही कंट्रोल सिस्टम में अलर्ट सक्रिय हुआ, प्लांट परिसर में सुरक्षा प्रोटोकॉल तत्काल लागू कर दिए गए और आपात प्रतिक्रिया तंत्र ने मोर्चा संभाल लिया।

ड्रिल के दौरान आंतरिक फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और रेस्क्यू टीमों ने पूर्व निर्धारित मानकों के अनुसार कार्रवाई की। रिसाव की सूचना मिलते ही प्रभावित ज़ोन को सुरक्षित किया गया, कर्मियों की आवाजाही नियंत्रित की गई और सर्च-एंड-रेस्क्यू प्रक्रिया शुरू की गई। फायर हाइड्रेंट सिस्टम तथा उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए रिस्क-कंटेनमेंट के कदम उठाए गए। पूरी कवायद का लक्ष्य प्रतिक्रिया समय, समन्वय और संचार व्यवस्था की प्रभावशीलता का परीक्षण करना रहा।

अभ्यास की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन को भी पूर्व निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सूचित किया गया। जिला कलेक्टर आलोक रंजन और जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी को स्थिति और तैयारियों की जानकारी दी गई। साथ ही, पड़ोसी औद्योगिक इकाइयों—बिड़ला सीमेंट वर्क्स तथा IOCL जालमपुरा—से सहयोग की औपचारिक मांग कर इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन का आकलन किया गया। बाहरी सहायता के पहुँचने से पहले ही जिंक प्रबंधन की टीमों ने परिकल्पित रिसाव पर नियंत्रण स्थापित कर लिया, जो ड्रिल का प्रमुख मूल्यांकन बिंदु रहा।

कंट्रोल रूम से लोकेशन हेड और साइट इमरजेंसी कंट्रोलर आलोक रंजन ने पूरी गतिविधि की निगरानी की और आवश्यक निर्देश जारी किए। मौके पर सेफ्टी हेड बालचंद पाटीदार तथा इंसिडेंट कंट्रोलर के. महेश कन्नन ने रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व संभाला। विभिन्न चरणों में संचार, निकासी, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा घेरा सुनिश्चित करने जैसे पहलुओं को क्रमबद्ध तरीके से परखा गया।

सूचना पर वरिष्ठ कारखाना एवं बॉयलर निरीक्षक सूरज प्रकाश जांगिड़, पुलिस एवं अन्य आपात सेवाएँ भी अभ्यास का हिस्सा बनीं। श्री सांवलिया जी सामान्य चिकित्सालय की एंबुलेंस, 108 सेवा, स्थानीय अग्निशमन इकाइयाँ और सुरक्षा बलों ने निर्धारित भूमिकाओं के अनुरूप भागीदारी निभाई। अधिकारियों ने ड्रिल को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के यथार्थपरक अभ्यास वास्तविक परिस्थितियों में जोखिम को न्यूनतम करने और त्वरित निर्णय क्षमता विकसित करने में सहायक होते हैं।

मॉक ड्रिल में IOCL के उप-प्रबंधक (सुरक्षा) अंकित कुल्हारी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोजन के माध्यम से औद्योगिक इकाई और प्रशासन के बीच समन्वित प्रतिक्रिया की क्षमता का परीक्षण किया गया, जिससे भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी को और सुदृढ़ किया जा सके।

संवाददाता प्रियंका कुमावत चित्तौड़गढ़ 

DS7NEWS NETWORK CHITTORGARH 

Post a Comment

Previous Post Next Post