मध्य प्रदेश मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र में वृद्ध पुरुष पर फायरिंग कर हत्या का प्रयास करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की सक्रियता और समन्वित जांच के चलते अज्ञात बदमाशों की पहचान संभव हो सकी। घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीमें गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक मंदसौर श्री विनोद कुमार मीणा के निर्देशन में मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के आदेश जारी किए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गरोठ श्रीमती हेमलता कुरील एवं एसडीओपी गरोठ श्री विजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गरोठ निरीक्षक हरीश मालवीय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सघन जांच प्रारंभ की। अधिकारियों के निर्देशानुसार घटना से जुड़े हर पहलू पर बारीकी से काम किया गया, जिससे कम समय में महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादी रामप्रहलाद पिता गणपतलाल, निवासी बालोदा, ने थाना गरोठ में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि 8 फरवरी 2026 की रात परिवार के सदस्य भोजन के बाद सो गए थे। देर रात लगभग 3 बजे घर के सामने संदिग्ध गतिविधि की आवाज सुनाई दी। रामप्रहलाद जब घर से बाहर निकले तो ट्रैक्टर-ट्रॉली के पास कुछ हलचल महसूस हुई। उन्होंने अपने पिता गणपतलाल को जगाया और दोनों ने आवाज लगाई। इसी दौरान अन्य परिजन एवं पड़ोसी भी जागकर बाहर आ गए।
बताया गया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली की आड़ में छिपे बदमाशों में से एक के हाथ में बंदूक थी। परिजनों को देखते ही बदमाश ने गोली चला दी, जो गणपतलाल के पेट के दाहिनी ओर लगी। गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। घायल को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
मामले की सूचना मिलते ही थाना गरोठ पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। पुलिस ने हत्या के प्रयास एवं आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। साथ ही पांच अलग-अलग टीमों का गठन कर आरोपियों की धरपकड़ के लिए गरोठ एवं आसपास के क्षेत्रों में रवाना किया गया। इन टीमों में थाना स्तर की टीमों के साथ जिला साइबर सेल को भी शामिल किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल के आसपास से दो मोटरसाइकिलों के उपयोग के संकेत मिले। साथ ही दो पीतल के कारतूस के खाली खोखे भी बरामद किए गए। पुलिस ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का सूक्ष्म परीक्षण किया और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर जानकारी एकत्रित की। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की सहायता से पुलिस को संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।
साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कमल पिता रंगलाल कंजर एवं गोविंद पिता रंगलाल कंजर, निवासी झालावाड़ राजस्थान, की पहचान की। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि वारदात में उनके साथ तीन अन्य साथी भी शामिल थे, जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिसम्मत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया।
पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त एक होंडा शाइन एवं एक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल जब्त की गई है। इसके अतिरिक्त कारतूस के खाली खोखे भी कब्जे में लिए गए हैं। फरार आरोपियों दिलीप, राहुल एवं अजय की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस कार्रवाई में थाना गरोठ पुलिस, थाना शामगढ़, थाना सीतामऊ एवं जिला साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे प्रभावी पुलिसिंग का उदाहरण बताया है। घटना के खुलासे से क्षेत्र के लोगों में राहत का माहौल है, वहीं पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतत निगरानी जारी रखने की बात कही है।
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