चित्तौड़गढ़ पंचायत चुनाव-2026: निष्पक्ष मतदान के लिए 33 प्रकोष्ठ सक्रिय, प्रशासन ने कसी कमर

पंचायत आम चुनाव-2026: चित्तौड़गढ़ में 33 प्रकोष्ठ गठित, शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतदान की तैयारी तेज

डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़गढ़। पंचायत आम चुनाव-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं जिला कलेक्टर, चित्तौड़गढ़ द्वारा जिला स्तर पर विभिन्न दायित्वों के सुचारू संचालन के लिए कुल 33 प्रकोष्ठों का गठन किया गया है। प्रत्येक प्रकोष्ठ के लिए प्रभारी, अतिरिक्त प्रभारी और सहायक प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति करते हुए विस्तृत आदेश जारी किए गए हैं।

जारी निर्देशों के अनुसार पंचायत आम चुनाव से जुड़े सभी कार्य राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे। संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया की निगरानी और समन्वय की जिम्मेदारी उप जिला निर्वाचन अधिकारी (अतिरिक्त जिला कलेक्टर, प्रशासन) को सौंपी गई है, जो ओवरऑल प्रभारी के रूप में कार्य करेंगे। सभी प्रकोष्ठों द्वारा किए जाने वाले महत्वपूर्ण निर्णय जिला निर्वाचन अधिकारी की स्वीकृति के पश्चात ही अंतिम रूप लेंगे।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ करें। चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में समय की पाबंदी और नियमों का पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य रहेगा, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
आदेश के तहत चुनाव संचालन प्रकोष्ठ, आरओ/एआरओ प्रकोष्ठ (जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य), कानून व्यवस्था, लेखा एवं वित्त, मीडिया, स्वीप (मतदाता जागरूकता), प्रशिक्षण, मतदान दल एवं मतगणना दल गठन, मतपत्र मुद्रण एवं वितरण, डाक मतपत्र, स्टोर प्रबंधन, वाहन व्यवस्था, सामान्य व्यवस्थाएं, सांख्यिकी एवं चुनाव मार्गदर्शिका, कम्प्यूटर प्रकोष्ठ, कंट्रोल रूम, आदर्श आचार संहिता एवं शिकायत निवारण तथा पर्यवेक्षक व्यवस्था सहित अनेक महत्वपूर्ण इकाइयों का गठन किया गया है।
चुनाव संचालन प्रकोष्ठ को निर्वाचन की मुख्य प्रक्रियाओं का दायित्व सौंपा गया है। इसके अंतर्गत नाम निर्देशन पत्रों का वितरण एवं प्राप्ति, उनकी संवीक्षा, नाम वापसी की प्रक्रिया, चुनाव चिन्हों का आवंटन तथा अंतिम अभ्यर्थी सूची तैयार करने जैसे कार्य शामिल हैं। सभी वैधानिक औपचारिकताएं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण की जाएंगी।

पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर पर आरओ एवं एआरओ प्रकोष्ठों को निर्वाचन प्रक्रिया के संचालन की अहम जिम्मेदारी दी गई है। ये प्रकोष्ठ संबंधित क्षेत्रों में चुनाव कार्यक्रम के क्रियान्वयन, अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच और मतदान से पूर्व आवश्यक व्यवस्थाओं का समन्वय सुनिश्चित करेंगे।

कानून व्यवस्था प्रकोष्ठ को विशेष रूप से मतदान एवं मतगणना के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है। संवेदनशील एवं अति-संवेदनशील मतदान केन्द्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। आवश्यकतानुसार धारा-144 लागू करने, लाइसेंसी हथियार जमा कराने, सूखा दिवस घोषित करने और दैनिक कानून व्यवस्था रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
लेखा एवं वित्त प्रकोष्ठ निर्वाचन से जुड़े समस्त वित्तीय कार्यों का संचालन करेगा। चुनाव सामग्री की खरीद, निविदा प्रक्रिया, भुगतान, मानदेय, यात्रा भत्ता और वाहन किराया जैसे कार्य नियमानुसार संपादित किए जाएंगे। प्रत्येक व्यय का लेखा-जोखा निर्धारित प्रारूप में संधारित किया जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

मतपत्र मुद्रण एवं वितरण प्रकोष्ठ को जिला परिषद, पंचायत समिति, सरपंच एवं पंच पदों के लिए मतपत्रों के शुद्ध और समयबद्ध मुद्रण की जिम्मेदारी दी गई है। मतपत्रों का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करते हुए उन्हें मतदान दलों को केन्द्रवार वितरित किया जाएगा।

डाक मतपत्र प्रकोष्ठ द्वारा ईडीसी एवं पोस्टल बैलेट से संबंधित सभी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। पात्र कार्मिकों को डाक मतपत्र उपलब्ध कराना, ऑनलाइन डाटा तैयार करना, सुरक्षित संधारण और मतगणना से पूर्व संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों को मतपत्र सौंपना इसी प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी होगी।

मतदाता जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए स्वीप प्रकोष्ठ सक्रिय भूमिका निभाएगा। जिले भर में जागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को मतदान के महत्व से अवगत कराया जाएगा और अधिकाधिक मतदान प्रतिशत सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

मीडिया प्रकोष्ठ निर्वाचन से जुड़ी सूचनाओं के समयबद्ध प्रसारण और मीडिया समन्वय का कार्य करेगा। मतदान और मतगणना स्थलों के लिए मीडिया पास जारी करना तथा राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आधिकारिक सूचनाएं साझा करना इसी प्रकोष्ठ के माध्यम से होगा।
तकनीकी व्यवस्थाओं के लिए कम्प्यूटर प्रकोष्ठ एवं कंट्रोल रूम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नाम निर्देशन पत्रों की स्कैनिंग, ऑनलाइन डाटा फीडिंग, चुनाव परिणामों का कम्प्यूटरीकरण, सीसीटीवी एवं वीडियोग्राफी डाटा का संधारण तथा आयोग को समय पर सूचनाएं भेजना इनकी प्राथमिक जिम्मेदारी रहेगी।

प्रशिक्षण प्रकोष्ठ द्वारा मतदान एवं मतगणना दलों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि न हो। स्टोर प्रबंधन, वाहन व्यवस्था और सामान्य व्यवस्थाओं से जुड़े प्रकोष्ठ आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और समन्वय सुनिश्चित करेंगे।
जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि पंचायत आम चुनाव-2026 को पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराया जाए। सभी प्रकोष्ठों के समन्वित प्रयास से निर्वाचन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे निर्धारित समयसीमा का पालन करते हुए निर्वाचन कार्य को प्राथमिकता दें, ताकि जिले में लोकतांत्रिक प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण हो सके।

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