छात्रों और छात्राओं का आरोप: सोनियाना परीक्षा केंद्र में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10 विज्ञान परीक्षा में अव्यवस्था
डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़गढ़ गंगरार तहसील के सोनियाना स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में आयोजित माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10 की विज्ञान परीक्षा को लेकर छात्रों और छात्राओं ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। छात्रों और छात्राओं का कहना है कि परीक्षा के दौरान अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे उनका बहुमूल्य समय नष्ट हुआ और वे मानसिक दबाव में आ गए। इस मुद्दे को लेकर प्रभावित छात्रों और छात्राओं ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच की मांग की।
छात्रों और छात्राओं के अनुसार 17 फरवरी को विज्ञान विषय की परीक्षा के दौरान व्यवस्था में कमी साफ नजर आई। आरोप है कि जिन छात्रों और छात्राओं को सप्लीमेंट्री की आवश्यकता थी, उन्हें निर्धारित समय पर अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका नहीं दी गई। छात्रों और छात्राओं का कहना है कि बार-बार मांग करने के बावजूद उन्हें आश्वासन देकर इंतजार कराया गया, जिससे लिखने का समय प्रभावित हुआ। कई छात्रों और छात्राओं ने बताया कि इस देरी के कारण वे अपने सभी प्रश्नों के उत्तर पूर्ण नहीं कर सके।
एक छात्रा ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि सप्लीमेंट्री मांगने पर उसे तुरंत उत्तर पुस्तिका नहीं दी गई। उसके अनुसार परीक्षा कक्ष में उपस्थित शिक्षकों द्वारा उसकी कॉपी बार-बार देखी गई, जिससे वह असहज महसूस करती रही। छात्रा का दावा है कि अंतिम क्षणों में उत्तर पुस्तिका मिलने के कारण उसके महत्वपूर्ण प्रश्न छूट गए। उसने इसे अनुचित दबाव और समय प्रबंधन की विफलता बताया।
इसी तरह अन्य छात्रों और छात्राओं ने भी परीक्षा कक्ष में समय संबंधी स्पष्ट जानकारी के अभाव की शिकायत की। छात्रों और छात्राओं का कहना है कि कक्ष में घड़ी नहीं थी और समय की नियमित घोषणा भी नहीं की जा रही थी। कुछ छात्रों और छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें घड़ी पहनने से भी रोका गया, जबकि समय प्रबंधन परीक्षा का अहम हिस्सा होता है। उनका कहना है कि इस स्थिति ने भ्रम और तनाव की स्थिति पैदा की।
ज्ञापन में छात्रों और छात्राओं ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, जिन छात्रों और छात्राओं का समय प्रभावित हुआ है, उन्हें उचित राहत देने पर भी विचार किया जाए। छात्रों और छात्राओं का कहना है कि परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में छोटी-सी चूक भी उनके परिणाम पर असर डाल सकती है, इसलिए जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन आवश्यक है।
इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। अभिभावकों, छात्रों और छात्राओं की अपेक्षा है कि प्रशासन तथ्यों की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति न हो और परीक्षा केंद्रों पर सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
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