डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़गढ़ शहर के प्रतापनगर स्थित महात्मा गांधी विद्यालय में शनिवार को एक चिंताजनक घटना सामने आई, जब स्कूल भवन की छत से प्लास्टर का हिस्सा अचानक नीचे आ गिरा। गनीमत रही कि उस समय नीचे कोई विद्यार्थी मौजूद नहीं था वरना स्थिति गंभीर हो सकती थी
घटना ने विद्यालय भवनों की वास्तविक हालत और विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय स्तर पर लंबे समय से भवन की जर्जर स्थिति को लेकर चिंता जताई जाती रही है। अभिभावकों और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि मरम्मत की आवश्यकता को कई बार संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी। इस ताजा घटनाक्रम के बाद परिसर में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा को लेकर असमंजस का माहौल देखा गया।
पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए स्कूल भवनों के व्यापक निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बजट प्रावधानों के साथ-साथ उपलब्ध फंड का प्राथमिकता से उपयोग होना चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
घटना के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हैं। आमजन की अपेक्षा है कि विद्यालय भवनों की मजबूती, नियमित निगरानी और त्वरित सुधारात्मक कदम सुनिश्चित किए जाएं, जिससे विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण कायम रह सके
इस विद्यालय की मरम्मत के लिए प्रशासन से बार पत्राचार कर अवगत कराया गया था
उसके पश्चात मरम्मत नहीं होना सरकार पर एक सवालिया निशान खड़ा करती हैं कि झालावाड़ में बच्चों की मौत के बाद भी घटना का होना एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही होने का संदेह पैदा करता है
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