चित्तौड़गढ़ नाबालिग से दुष्कर्म प्रकरण में दोषी को 20 वर्ष कठोर कारावास, 55 हजार रुपये का जुर्माना

डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़गढ़ में बाल संरक्षण से जुड़े एक गंभीर मामले में पोक्सो अदालत क्रमांक 1 ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में अभियुक्त हुसैफ खिलजी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 55 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा दी। न्यायालय ने पीड़िता को 2 लाख रुपये की प्रतिकर राशि दिलाने के भी आदेश जारी किए, जिससे पीड़ित पक्ष को कानूनी राहत मिली।

अभियोजन के अनुसार, पीड़िता ने कोतवाली थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसकी मुलाकात अभियुक्त से एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। बाद में आरोपी ने संपर्क बढ़ाने का प्रयास किया और कथित रूप से फोन के माध्यम से दबाव व धमकियां दीं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि आरोपी ने पीड़िता को चामटी खेड़ा क्षेत्र स्थित एक होटल में बुलाया, जहां उसके साथ जबरदस्ती की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य के समर्थन में 22 गवाहों के बयान और 34 दस्तावेज प्रस्तुत किए। उभय पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद पीठासीन अधिकारी लता गौड़ ने आरोपी को विभिन्न आरोपों में दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

यह निर्णय नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों के मामलों में न्यायिक सख्ती और त्वरित कार्रवाई की दिशा में एक अहम उदाहरण के रूप में देखा जा रहा 

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