चित्तौड़गढ़ कपासन RIICO क्षेत्र में फैक्ट्री विस्फोट, देर रात से मोर्चा संभाले फायर ब्रिगेड

कपासन RIICO क्षेत्र में केमिकल फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, औद्योगिक सुरक्षा पर खड़े हुए सवाल

रिपोर्ट: प्रियंका कुमावत | DS7 न्यूज़ नेटवर्क
डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन उपखंड स्थित RIICO औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार देर रात एक गंभीर औद्योगिक हादसा सामने आया। रात करीब 11:15 बजे एक केमिकल निर्माण इकाई में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि उसका असर कई किलोमीटर दूर तक महसूस किया गया। आसपास के गांवों और कस्बों में लोग दहशत में आ गए और देर रात तक जागते रहे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के कुछ ही पलों बाद फैक्ट्री परिसर से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं। अंधेरी रात में उठती लपटों ने आसमान को लाल रंग में रंग दिया। इसके साथ ही लगातार छोटे-छोटे धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं, जिससे हालात और भी भयावह हो गए। लोगों के मन में यह डर बना रहा कि कहीं यह आग और विस्फोट आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों तक न पहुंच जाए।

प्राथमिक जानकारी में सामने आया है कि यह हादसा RIICO क्षेत्र में स्थित मरून इंडस्ट्रीज नामक फैक्ट्री में हुआ, जहां केमिकल कलर बनाने का कार्य किया जाता है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री के अंदर बड़ी मात्रा में ज्वलनशील रसायन और कच्चा माल मौजूद था, जिसके कारण आग तेजी से फैलती चली गई। हालांकि विस्फोट के सही कारणों को लेकर प्रशासन ने अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड को तत्काल अलर्ट किया गया। कपासन नगर के साथ-साथ

 चित्तौड़गढ़ जिले के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से भी दमकल की गाड़ियां मौके के लिए रवाना की गईं। आग की तीव्रता को देखते हुए दमकल कर्मियों को स्थिति पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा कारणों से फैक्ट्री के पास किसी को भी जाने की अनुमति नहीं दी गई।

जिला कलेक्टर आलोक रंजन और पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने पूरे घटनाक्रम पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासनिक अमले को मौके पर भेजकर हालात पर नजर रखने और क्षेत्र को सुरक्षित करने के आदेश दिए गए। पुलिस ने एहतियातन फैक्ट्री।आमजन की आवाजाही पर रोक लगा दी गई।

DS7 न्यूज़ नेटवर्क को मिली जानकारी के अनुसार, RIICO क्षेत्र में स्थित अन्य फैक्ट्रियों में काम कर रहे मजदूरों में भी इस घटना के बाद भय का माहौल बन गया। कई मजदूरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपने कार्यस्थलों से बाहर निकलना ही उचित समझा। रातभर दमकल गाड़ियों के सायरन, पुलिस वाहनों की आवाजाही और दूर से दिखती आग की लपटों के बीच पूरा इलाका तनावपूर्ण माहौल में रहा।
विस्फोट के कारणों को लेकर फिलहाल कई आशंकाएं जताई जा रही हैं। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि फैक्ट्री के अंदर मौजूद बॉयलर, केमिकल ड्रम या अन्य ज्वलनशील सामग्री में आग लगने से यह हादसा हुआ हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि आग पर पूरी तरह काबू पाए बिना किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर खड़ा हो रहा है। RIICO क्षेत्र में कई ऐसी फैक्ट्रियां संचालित हैं, जहां खतरनाक रसायनों का उपयोग होता है। ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन कितना हो रहा है, यह एक गंभीर विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों में नियमित सुरक्षा जांच और आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा बेहद जरूरी है।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता आग पर नियंत्रण पाने और स्थिति को सामान्य करने की है। देर रात तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था, जिसके चलते नुकसान का आकलन और किसी प्रकार की जनहानि को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ पाई। प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

पुलिस और दमकल विभाग की टीमें पूरी रात मौके पर डटी रहीं। क्षेत्र को सुरक्षित करने के साथ-साथ आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी तरह की अनहोनी को रोका जा सके। जैसे-जैसे हालात सामान्य होंगे, इस हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

DS7 न्यूज़ नेटवर्क इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। आग लगने के वास्तविक कारण, हुए नुकसान और जिम्मेदारियों को लेकर प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल कपासन RIICO क्षेत्र में हुई यह घटना औद्योगिक सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।

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