93.80% लाने वाली बेटी का सपना अधूरा, रिजल्ट से पहले ही जिंदगी ने लिया दर्दनाक मोड़
डीएस सेवन न्यूज राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रावला गांव से एक बेहद भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। गांव की होनहार छात्रा निकिता ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में शानदार 93.80 प्रतिशत अंक हासिल किए, लेकिन अफसोस कि वह अपने इस सुनहरे परिणाम को देखने के लिए इस दुनिया में मौजूद नहीं रही।
बताया जा रहा है कि परीक्षा के दौरान ही निकिता को तेज बुखार आ गया था, इसके बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी और सभी पेपर पूरे आत्मविश्वास के साथ दिए। उसकी लगन और मेहनत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खराब तबीयत में भी उसने पढ़ाई से समझौता नहीं किया। परीक्षा खत्म होने के बाद उसकी तबीयत और बिगड़ गई, जिसके चलते परिजन उसे इलाज के लिए बीकानेर ले गए।
बीकानेर में डॉक्टरों की लगातार कोशिशों के बावजूद निकिता को बचाया नहीं जा सका और उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना ने पूरे परिवार और गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।
निकिता का सपना बड़ा अफसर बनने का था, वह कलेक्टर बनकर समाज और देश की सेवा करना चाहती थी। उसकी मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण उसे बाकी छात्रों से अलग बनाता था। आज जब उसका रिजल्ट सामने आया और उसमें इतने शानदार अंक आए, तो जहां अन्य घरों में जश्न का माहौल है, वहीं निकिता के घर में उसकी यादों के साथ गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है।
यह कहानी सिर्फ एक रिजल्ट की नहीं, बल्कि एक ऐसे सपने की है जो अधूरा रह गया। निकिता ने भले ही दुनिया छोड़ दी हो, लेकिन उसकी मेहनत, उसका जुनून और उसकी सफलता हमेशा लोगों को प्रेरित करती रहेगी।
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