ACB का बड़ा ट्रैप: बीसीएमओ कार्यालय का लेखा सहायक 20 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, अधिकारी फरार

डीएस सेवन न्यूज पाली। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की पाली द्वितीय इकाई ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रोहट स्थित ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (बीसीएमओ) कार्यालय में कार्यरत लेखा सहायक (संविदाकर्मी) देवकीनन्दन शर्मा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामले में बीसीएमओ डॉ. हार्दिक राजपुरोहित की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिनकी तलाश जारी है।

एसीबी को शिकायत मिली थी कि परिवादी की टेंडर प्रक्रिया से लगी वाहन सेवा को निरंतर जारी रखने तथा अप्रैल से जून माह तक के लंबित बिलों को पास करवाने के बदले देवकीनन्दन शर्मा द्वारा 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है।

शिकायत के सत्यापन के बाद उप महानिरीक्षक पुलिस एसीबी रेंज जोधपुर नारायण टोगस के सुपरविजन में पाली द्वितीय इकाई के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देरावर सिंह एवं उनकी टीम ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी देवकीनन्दन शर्मा को रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

जांच में सामने आया कि आरोपी ने परिवादी से प्राप्त 20 हजार रुपये बीसीएमओ कार्यालय की नई इमारत के प्रथम तल पर रखी एक लकड़ी की दराज में छिपा दिए थे। एसीबी टीम ने उक्त राशि को बरामद कर लिया।

प्रारंभिक जांच में बीसीएमओ डॉ. हार्दिक राजपुरोहित की संलिप्तता सामने आने पर एसीबी की जोधपुर शहर इकाई के प्रभारी उप अधीक्षक पुलिस किशन सिंह द्वारा उनके निवास पर तलाशी ली गई। हालांकि कार्रवाई की भनक लगने पर डॉ. राजपुरोहित फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है।

एसीबी के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है तथा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान जारी है। कार्रवाई एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरविजन में की जा रही है।

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