ACB की बड़ी कार्रवाई: 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते वन विभाग के अधिकारी और चालक रंगे हाथ गिरफ्तार

झालावाड़। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को झालावाड़ में कार्रवाई करते हुए वन विभाग के गश्ती दल से जुड़े क्षेत्रीय वन अधिकारी विक्रम सिंह और वाहन चालक फिरोज खान को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी वन मंडल उप वन संरक्षक कार्यालय, झालावाड़ के अधीन कार्यरत थे।

एसीबी के अनुसार परिवादी ने 3 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी कि वह टिम्बर ट्रेडिंग का व्यवसाय करता है। किसानों से पेड़ खरीदकर कटाई करवाने के बाद लकड़ी को राजस्थान के विभिन्न जिलों में आरा मशीन संचालकों, श्मशान समितियों, बढ़ई और अन्य ग्राहकों तक पहुंचाया जाता है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि झालावाड़ क्षेत्र में वन विभाग की गश्ती टीम लकड़ी से भरे वाहनों को रोककर चालकों के साथ अभद्र व्यवहार करती है और अवैध वसूली करती है। साथ ही मासिक बंधी नहीं देने पर झूठे वन अपराध के मामलों में फंसाने की धमकी भी दी जाती थी।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने गोपनीय सत्यापन कराया। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी लकड़ी से लदे प्रत्येक वाहन को जाने देने के बदले 5-5 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। पांच वाहनों के लिए कुल 25 हजार रुपये रिश्वत मांगी गई। बाद में बातचीत के दौरान 15 हजार रुपये लेने पर सहमति बन गई।

रिश्वत मांग की पुष्टि होने के बाद 4 जुलाई को एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की। कोटा रेंज के उप महानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा के सुपरवीजन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रेरणा शेखावत के निर्देशन में पुलिस निरीक्षक साजिद खान की टीम ने जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को परिवादी से 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। रिश्वत की राशि वाहन चालक फिरोज खान की पहनी हुई पैंट से बरामद की गई।

एसीबी के अनुसार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके ठिकानों की तलाशी की कार्रवाई भी जारी है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आमजन से अपील की है कि रिश्वतखोरी या भ्रष्टाचार से संबंधित किसी भी शिकायत की सूचना हेल्पलाइन नंबर 1064 अथवा व्हाट्सएप हेल्पलाइन 94135-02834 पर देकर भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में सहयोग करें। ब्यूरो ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ताओं के वैध कार्यों में हरसंभव सहायता की जाएगी।

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