बांसवाड़ा DSP से बोले भाजपा विधायक: "आप नहीं आते तो CI को बिना कपड़े घर भेज देता!"विधायक बोले – अब थाने में विधायक की भी नहीं सुनी

 बांसवाड़ा: गढ़ी विधायक कैलाश मीणा का थाने में हंगामा, भू-माफिया और सुसाइड केस में कार्रवाई न होने पर दिया धरना

डीएस सेवन न्यूज बांसवाड़ा जिले की गढ़ी विधानसभा से भाजपा विधायक कैलाश मीणा ने शनिवार शाम गढ़ी थाने के सामने धरना दे दिया। विधायक ने गढ़ी थाना प्रभारी (CI) रोहित कुमार पर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें भू-माफियाओं और बजरी माफियाओं से साठगांठ, पैसे लेकर कार्रवाई न करने और गरीब आदिवासियों के मामलों में एजेंटों के जरिए रिश्वत लेने की बात शामिल है। विधायक ने कहा कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही, तो आम आदमी की सुनवाई कैसे होगी?

धरने का कारण: सुसाइड और भू-माफिया के पेंडिंग केस
विधायक ने दो प्रमुख मामलों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। पहला मामला 31 मई को गेमन पुल के पास गढ़ी के पूर्व मंडल अध्यक्ष शांतिलाल लबाना के पोते और एक युवती के फंदे पर लटके मिलने का है। आरोप है कि पुलिस की ओर से उकसावे के कारण दोनों ने आत्महत्या की। इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से विधायक नाराज थे।
दूसरा मामला बेड़वा पंचायत का है, जहां 2022 में पटवारी निखिल गरासिया ने पीड़ित पवन बामनिया की दादी के नाम की जमीन को धोखे से भैरा पुत्र रावजी के नाम कर दिया। भैरा ने बाद में भू-माफिया तनुज पंड्या के माध्यम से जमीन को थावरचंद, राहुल (पुलिसकर्मी) और वीरचंद के नाम हस्तांतरित कर दी। पीड़ित का दावा है कि उनकी दादी की मृत्यु 2020 में हो चुकी थी, फिर भी 2022 में उनके नाम से अंगूठा लगवाया गया। इस मामले में पीड़ित ने कई बार थाने में शिकायत की, लेकिन कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। उल्टा, थावरचंद ने पीड़ित पर झूठा केस दर्ज करवाकर उसे दिनभर थाने में बैठाए रखा।

थाने में तीखी नोकझोंक

मामले की सूचना मिलने पर गढ़ी DSP सुदर्शन पालीवाल थाने पहुंचे और विधायक को अंदर ले गए। थाने के अंदर विधायक ने CI रोहित कुमार पर जमकर गुस्सा निकाला। उन्होंने DSP से कहा, “थानाधिकारी ने थाने को धर्मशाला बना रखा है। दलालों के चक्कर में कार्रवाई नहीं हो रही। मैंने फोन किया, फिर भी थानाधिकारी मौके पर क्यों नहीं गया? गरीबों की जमीन पर भू-माफिया कब्जा कर रहे हैं, और पुलिस एजेंटों के जरिए पैसे ले रही है

विधायक ने CI पर भू-माफिया तनुज पंड्या के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगाया और कहा, “तनुज के खिलाफ 420 की रिपोर्ट कब दर्ज हुई? अगर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं फिर धरने पर बैठ जाऊंगा।” विधायक ने गुस्से में DSP से यह भी कहा, “आप नहीं आते तो इस थानाधिकारी को बिना कपड़ों के घर जाना पड़ता।” उन्होंने CI को चेतावनी दी, “ढंग से नौकरी करो, वरना कपड़े उतरवा दूंगा।”

विधायक का गुस्सा: “मैं रोज रोता फिरूंगा?”
विधायक ने थाने में कहा, “मैं इतनी उम्र का आदमी हूं, क्या रोज रोता फिरूंगा? तुम्हें शर्म नहीं आती? मैं रोड पर सो जाऊंगा, वर्दी उतारकर छोड़ दूंगा।” उन्होंने CI से तनुज पंड्या के खिलाफ कार्रवाई का ब्यौरा मांगा, लेकिन CI केवल इतना कहते रहे कि कार्रवाई करेंगे। विधायक ने एक घंटे तक धरना दिया, लेकिन पुलिस ने दोनों मामलों में अब तक की कार्रवाई का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
विधायक का बयान

कैलाश मीणा ने बताया, “मैं सिर्फ CI और DSP से बात करने थाने गया था। बाहर गनमैन ने कहा कि साहब घर पर हैं। एक हेड कांस्टेबल महिपाल ने मुझसे पूछा, ‘तू कौन है?’ इसके बाद मैं सीढ़ियों पर बैठ गया और धरना शुरू कर दिया। मैं सिर्फ पेंडिंग केसों पर बात करना चाहता था।” उन्होंने कहा कि DSP ने उनके बताए मामलों में कार्रवाई का भरोसा दिया है और उच्चाधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है।
DSP सुदर्शन पालीवाल का रुख

DSP सुदर्शन पालीवाल ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए विधायक को शांत करने की कोशिश की और कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, उन्होंने अभी तक कोई ठोस कार्रवाई का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया है।
जनता में आक्रोश

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