चित्तौड़गढ़ बेगूं पारसोली ओराई डेम ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश: चित्तौड़गढ़ पुलिस ने महिला की पहचान कर चार आरोपियों को दबोचा

ओराई डेम ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश: चित्तौड़गढ़ पुलिस ने महिला की पहचान कर चार आरोपियों को दबोचा
डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़गढ़, बेगूं (पारसोली)।
जिले के पारसोली थाना क्षेत्र में स्थित ओराई डेम में मिली महिला की अज्ञात लाश की गुत्थी को बेगूं पुलिस ने सुलझाते हुए हत्या के मामले में मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह केस शुरुआती दौर में 'ब्लाइंड मर्डर' माना जा रहा था, लेकिन पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विश्लेषण और प्रभावी पूछताछ के चलते हत्याकांड का खुलासा हो गया।

25 जुलाई को मिला था शव

दिनांक 25 जुलाई को ओराई डेम के कर्मचारियों को पानी में एक शव दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पारसोली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव की स्थिति देखकर प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि महिला की हत्या कर उसके शरीर पर भारी पत्थर बांधकर पानी में फेंका गया था। शव को बाहर निकालकर उसे सावंलियाजी हॉस्पिटल में डी-फ्रिज में सुरक्षित रखा गया और अज्ञात महिला की पहचान का प्रयास शुरू किया गया।

हत्या कर पत्थर बांधकर डेम में फेंका गया था शव

महिला की उम्र लगभग 30–35 वर्ष आंकी गई। उसे ग्रीन मेट में लपेटा गया था और उसके शरीर पर करीब 30-35 किलो का पत्थर बंधा हुआ था, जिससे स्पष्ट हो गया कि हत्या के बाद शव को डेम में डुबोने की कोशिश की गई थी।

तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिला सुराग

थाना अधिकारी शिवराज राव के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने क्षेत्र में लापता महिलाओं की रिपोर्ट खंगाली, आसपास के CCTV फुटेज खंगाले और साइबर सेल की मदद से तकनीकी सुराग जुटाए। इसके साथ ही मुखबिरों को भी एक्टिव किया गया। इसी दौरान एक महिला के लापता होने की जानकारी मिली, जिसकी पहचान सोनू उर्फ सोनिया भील निवासी पारसोली के रूप में की गई।

मुख्य आरोपी सत्यनारायण समेत चार गिरफ्तार

पुलिस ने सोनू की हत्या के संदेह में सत्तू उर्फ सत्यनारायण को हिरासत में लिया, जिससे गहन पूछताछ में हत्या की पुष्टि हुई। उसने बताया कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने में तीन अन्य लोग—ललित, सांवरियालाल और मुकेश उर्फ जोनू—ने मदद की थी। इन सभी को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

बोलेरो वाहन भी जब्त

हत्या के बाद शव को ले जाने में प्रयुक्त बोलेरो वाहन को पुलिस ने जब्त कर लिया है। चारों आरोपियों से गहनता से पूछताछ जारी है और पुलिस इस केस से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों का दिशा-निर्देशन

जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी, एएसपी भगवत सिंह और डीएसपी अंजलि सिंह के निर्देश पर इस जघन्य हत्या की जांच की गई, जिसमें पारसोली थाने की पूरी टीम और साइबर सेल की भूमिका बेहद अहम रही।
DS7 News Network 

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