रोजगार शिविरों पर करोड़ों खर्च, लेकिन नौकरी के आंकड़े गायब
डीएस सेवन न्यूज उदयपुर रोजगार कार्यालय उदयपुर ने बीते तीन साल में रोजगार शिविरों पर 2.1 करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर दिए। लेकिन इन शिविरों से कितने बेरोजगारों को स्थायी नौकरी मिली, इसका कोई रिकॉर्ड न तो विभाग के पास है और न ही सरकार के पास।
विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 6 हजार 73 अभ्यर्थियों का विभिन्न कंपनियों में प्रारंभिक चयन जरूर हुआ। मगर ये चयन आगे चलकर वास्तविक नियुक्तियों में बदला या नहीं, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कंपनियां बाद में नौकरी से संबंधित जानकारी साझा नहीं करतीं।
खर्च की बात करें तो साल 2023 में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दो मेगा शिविरों पर सर्वाधिक 1 करोड़ 86 लाख 19 हजार 438 रुपए खर्च हुए। वहीं भाजपा सरकार के दो साल में छह शिविरों पर 15 लाख 10 हजार 808 रुपए खर्च किए गए।
जमीनी हकीकत यह है कि भारी-भरकम बजट खर्च होने के बावजूद रोजगार शिविरों का ठोस नतीजा सामने नहीं आ सका। इससे साफ होता है कि यह शिविर महज खानापूर्ति तक ही सीमित रह गए।
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