चित्तौड़गढ़ मांगरोल उर्वरक खेल बेनकाब: 420 बैग संदिग्ध यूरिया पकड़े, 550 खाली बैग भी मिले

कृषि विभाग की सख्त कार्रवाई: संदिग्ध यूरिया के 420 बैग जब्त, बड़े खेल का खुलासा
डीएस सेवन न्यूज़ चित्तौड़गढ़। जिले में उर्वरक वितरण की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसानों तक सही गुणवत्ता का खाद पहुंचाने के लिए कृषि विभाग ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। यह कार्रवाई कृषि आयुक्तालय जयपुर और जिला कलक्टर आलोक रंजन के निर्देश पर की गई, जिसके तहत जिले के आदान विक्रेताओं के यहां औचक निरीक्षण शुरू किया गया। इसी दौरान निरीक्षण दल ने मांगरोल स्थित हरि मांगरोल फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड के गोदाम पर पहुंचकर बड़ी मात्रा में संदिग्ध यूरिया बरामद किया, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

निरीक्षण दल जब गोदाम परिसर में पहुंचा तो वहां अवैध तरीके से संग्रहीत यूरिया के बैगों का ढेर मिला। जांच के दौरान कुल 420 बैग संदिग्ध अवस्था में पाए गए। इनमें 160 बैग सीधे तौर पर संदिग्ध यूरिया बताए जा रहे हैं, जबकि 50 बैग इफको, 60 बैग उत्तम और 150 बैग किसान यूरिया के थे। यह सभी बैग संदिग्ध परिस्थितियों में रखे हुए मिले, जिससे शंका और गहरी हो गई।

गोदाम में चोरी-छिपे भारी मात्रा में खाली बैग भी पाए गए। जांच में लगभग 550 से अधिक खाली बैग मिले, जिनका उपयोग विभिन्न ब्रांडों के पैकेटों को दोबारा भरकर बेचने में किया जा रहा था। प्रथम दृष्टया निरीक्षण दल का मानना है कि खाद के इन बैगों को तकनीकी यूरिया से दोबारा भरकर बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी, जो उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम का गंभीर उल्लंघन है।

विभागीय टीम ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए संदिग्ध सामग्री के नमूने लिए और पूरी खेप को जब्त कर लिया। नियमों के अनुसार नमूना परीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खाद की गुणवत्ता क्या थी और इसे किस उद्देश्य से संग्रहीत किया गया था।

कार्रवाई के दौरान फर्म के प्रतिनिधि तख्त सिंह मौके पर मौजूद रहे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि बरामद उर्वरक अनिल अंजना निवासी रानीखेडा का है। विभाग इस जानकारी को आधार बनाकर आगे जांच कर रहा है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि यह खाद किसी बड़े नेटवर्क के माध्यम से किसानों को महंगे दाम पर बेचने की तैयारी थी।

कृषि विभाग की इस कार्रवाई में संयुक्त निदेशक कृषि दिनेश कुमार जागा, उपनिदेशक उद्यान डॉ. शंकर लाल जाट, सहायक निदेशक कृषि अंशु चौधरी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। इनके साथ कृषि अधिकारी ज्योति प्रकाश सिरोया, गोपाल लाल शर्मा, गोपाल लाल धाकड़, रामजस खटीक, संजय बाहेंती, सहायक कृषि अधिकारी रमेश जाट, कमलेश यादव, मुकेश मीणा और हनुमान नागर कृषि पर्यवेक्षक भी शामिल रहे।

विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने तक गोदाम को सील रखा जाएगा और यदि गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से स्पष्ट है कि जिले में उर्वरक की अवैध गतिविधियों को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त है।

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