चित्तौड़गढ़ सांवलिया सेठ के भंडार की राशि के राजनीतिक या बाहरी उपयोग पर कोर्ट की रोक

सांवलिया सेठ भंडार के राजनीतिक उपयोग पर कोर्ट की सख्त रोक
डीएस सेवन न्यूज़ चित्तौड़गढ़ सांवलिया सेठ मंदिर के भंडार की राशि को बाहरी योजनाओं, राजनीतिक हितों और गैर-स्थानीय संस्थाओं पर खर्च करने पर अब रोक लगा दी गई है। मंडफिया के सिविल जज विकास कुमार ने आदेश जारी करते हुए कहा कि मंदिर की कमाई का उपयोग केवल स्थानीय भक्तों और मंदिर से जुड़े वास्तविक कार्यों पर ही किया जाए।

कोर्ट में यह आरोप लगाया गया था कि मंदिर मंडल द्वारा भंडार की बड़ी राशि स्थानीय आवश्यकताओं को नज़रअंदाज़ करते हुए बाहरी क्षेत्रों में, प्रचारात्मक और राजनीतिक उपयोग के लिए खर्च की जा रही थी। याचिका में कहा गया कि मंदिर परिसर में निशुल्क भोजनशाला, पर्याप्त पार्किंग, साफ-सुथरे शौचालय, चिकित्सा सुविधा, उच्च स्तरीय अस्पताल और स्कूल जैसी जरूरतें अभी भी अधूरी हैं, जबकि करोड़ों रुपये दूसरे स्थानों पर बांटे जा रहे थे।

जज ने आदेश में स्पष्ट किया कि मंदिर की कमाई से अब बाहरी संस्थाओं और किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधियों को फंड नहीं दिया जाएगा। राशि केवल उन्हीं कार्यों में उपयोग होगी, जो सीधे तौर पर भक्तों और मंदिर क्षेत्र के हित से जुड़े हों।

कोर्ट के इस फैसले को स्थानीय लोगों ने राहतभरा कदम बताया है, क्योंकि लंबे समय से भंडार राशि के दुरुपयोग को लेकर सवाल उठ रहे थे। आदेश के बाद मंदिर प्रशासन की वित्तीय पारदर्शिता और स्थानीय विकास कार्यों को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।

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