चित्तौड़गढ़ 2 पिस्टल, 3 जिंदा कारतूस चित्तौड़गढ़ कोतवाली पुलिस की रातभर चली 2 बड़ी कार्रवाइयाँ 2 आरोपी गिरफ्तार

2 पिस्टल, 3 जिंदा कारतूस और 2 आरोपी… चित्तौड़गढ़ कोतवाली पुलिस की रातभर चली 2 बड़ी कार्रवाइयाँ

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डीएस सेवन न्यूज़ चित्तौड़गढ़ पुलिस ने बुधवार देर रात शहर में अवैध हथियारों की हलचल पर ऐसा शिकंजा कसा कि दो अलग-अलग स्थानों से दो पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद कर दो आरोपियों को दबोच लिया। ऑपरेशन जितना तेज़ था, उतना ही ठोस—और सबसे अहम, दोनों गिरफ्तार आरोपी पहले से ही अपराध की राह पर चल रहे थे।

जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि जिले में अवैध हथियारों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष निगरानी बढ़ाई गई है। इसी क्रम में एएसपी सरिता सिंह और डीएसपी बृजेश सिंह के निर्देश पर कोतवाली थानाधिकारी तुलसीराम के नेतृत्व में दो टीमें शहर के अंदरूनी इलाकों में रवाना की गईं। लक्ष्य स्पष्ट था—रात की आड़ में सक्रिय अवैध हथियार सप्लाई चेन को उसी समय दबोचना जब वे खुद को सबसे सुरक्षित समझते हैं।

पहली कार्रवाई: गांधी नगर नई पुलिया के पास संदिग्ध की धरपकड़

गुरुवार रात लगभग 11 बजे पारस कुमार (उनि.) और उनकी टीम शहर गश्त पर थे। गश्त के दौरान गांधी नगर नई पुलिया, भिस्ती खेड़ा रोड पर एक व्यक्ति पुलिस को देखकर हड़कंप में आया। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और संदिग्ध की पहचान 37 वर्षीय देवराज सिंह राणावत निवासी करणी माता का खेड़ा, कुम्भानगर चित्तौड़गढ़ के रूप में हुई।

जैसे ही पुलिस ने तलाशी ली, देवराज के पास से एक देशी कट्टा (पिस्टलनुमा) बरामद हुआ। हथियार की बरामदगी के बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार करते हुए आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस की मानें तो देवराज के खिलाफ पहले से चार आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं और वह कोतवाली क्षेत्र के एक जानलेवा हमले और आर्म्स एक्ट के पुराने मामले में भी विचाराधीन है।

दूसरी कार्रवाई: नगरपालिका कॉलोनी में खाली ज़मीन के पास संदिग्ध गतिविधि

उसी रात दूसरी टीम—जिसका नेतृत्व एएसआई चान्दमल कर रहे थे—नगरपालिका कॉलोनी क्षेत्र में गश्त पर थी। यहां खाली पड़ी जमीन के पास पुलिस ने एक युवक को संदिग्ध हालत में घूमते देखा। पूछताछ और तलाशी में युवक 26 वर्षीय अंकुर सोलकी निवासी रेलवे कॉलोनी, चित्तौड़गढ़ निकला।

तलाशी के दौरान अंकुर के पास से एक देशी पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। हथियारों के साथ रंगे हाथ पकड़े जाने पर पुलिस ने उसे भी मौके पर गिरफ्तार कर लिया। अंकुर के खिलाफ भी तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह भी पहले से एक जानलेवा हमले और आर्म्स एक्ट के मामले में शामिल बताया जा रहा है।

जांच अब गहराई में—हथियार की सप्लाई कहां से?

दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी एक रात में भले पूरी हो गई, लेकिन असली जांच अब शुरू मानी जा रही है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि ये हथियार कहां से आए, किसके जरिए पहुंचे और इनका इस्तेमाल किस मकसद से होने वाला था। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस इस बात को लेकर सतर्क है कि कहीं शहर में कोई बड़ा गैंग हथियार सप्लाई तो नहीं कर रहा।

ऑपरेशन में शामिल पुलिसकर्मी

— पारस कुमार (उनि.)
— एएसआई चान्दमल
— हैडकान. भूपेंद्र सिंह (डीएसटी)
— हैडकान. प्रमोद कुमार (डीएसटी)
— धर्मेंद्र सिंह, सुनील कुमार, राजेश, प्रहलाद, कैलाश, वीरेंद्र, नंदलाल, हनुमान सिंह समेत पूरी टीम

रातभर चली यह कार्रवाई सिर्फ दो हथियार बरामद करने भर की कहानी नहीं है, बल्कि यह संकेत भी है कि चित्तौड़गढ़ पुलिस अब शहर में अवैध हथियारों और अपराधियों की गतिविधि को लेकर पहले से कहीं ज्यादा सख्त मोड में है।

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