शहादत को सलाम: 7 साल बाद भी वीर जवानों का बलिदान अमर, परिवारों का साहस अडिग”
डीएस सेवन न्यूज पुलवामा हमले को आज 7 साल बीत चुके हैं, लेकिन उस दिन की पीड़ा और स्मृतियाँ आज भी उतनी ही जीवंत हैं। देश ने जिन वीर जवानों को खोया, उनकी शहादत समय के साथ और भी गौरवपूर्ण बन गई है, वहीं उनके परिवारों का दुःख आज भी गहरे सन्नाटे में महसूस किया जा सकता है।
शहीदों के परिजनों के लिए ये सात वर्ष आसान नहीं रहे। किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने जीवनसाथी, तो किसी बच्चे ने पिता का साया। समय जरूर आगे बढ़ा, पर यादों की कसक और अपूरणीय खालीपन आज भी उनके जीवन का हिस्सा है। हर त्योहार, हर खास दिन, उन अपनों की कमी का अहसास और गहरा कर देता है।
फिर भी, इन परिवारों ने जिस धैर्य और साहस का परिचय दिया है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। आँसुओं के बीच भी गर्व की चमक साफ दिखती है — गर्व इस बात का कि उनके अपने ने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
आज, सात साल बाद भी देश एक स्वर में अपने शहीदों को नमन करता है। यह दिन केवल शोक का नहीं, बल्कि उन वीरों की अमर गाथा और उनके परिवारों के अदम्य साहस को सम्मान देने का है।
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