राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी खबर

राजस्थान में पंचायत चुनाव पर संकट, तय समय पर चुनाव होना मुश्किल

डीएस सेवन न्यूज जयपुर। राजस्थान में होने वाले आगामी पंचायत चुनाव तय समय पर कराना मुश्किल नजर आ रहा है। राज्य में पंचायत चुनाव को लेकर नई स्थिति सामने आई है, जिससे चुनाव प्रक्रिया पर संकट खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि ओबीसी आयोग समय पर अपनी रिपोर्ट तैयार नहीं कर पा रहा है, जिसके कारण चुनाव कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 अप्रैल तक पंचायत चुनाव करवाने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही संबंधित रिपोर्ट भी निर्धारित समय में प्रस्तुत करने को कहा गया था। लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए तय समय सीमा में चुनाव कराना बेहद कठिन माना जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार कई पंचायतों में जनसंख्या से जुड़े आंकड़ों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य की करीब 403 ग्राम पंचायतों में ओबीसी की जनसंख्या शून्य बताई गई है। वहीं 118 पंचायतों में कुल जनसंख्या एक से 500 तक दर्ज की गई है। नियमों के अनुसार किसी ग्राम पंचायत के गठन के लिए कम से कम 1200 से अधिक जनसंख्या होना आवश्यक होता है। ऐसे में इन पंचायतों का गठन नियमानुसार कर पाना भी चुनौती बना हुआ है।

पंचायती राज विभाग द्वारा ओबीसी आयोग को जनसंख्या के सभी आवश्यक आंकड़े समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की बात भी सामने आ रही है। जिन आंकड़ों के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़नी थी, उनमें भी स्पष्टता नहीं होने से स्थिति और जटिल हो गई है। यही कारण है कि पंचायतों का पुनर्गठन और आरक्षण तय करने की प्रक्रिया अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।

इन परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार अब कोर्ट का रुख कर सकती है। संभावना जताई जा रही है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम प्रार्थना पत्र दाखिल कर पंचायत चुनाव के लिए अतिरिक्त समय मांग सकती है। यदि अदालत से राहत मिलती है तो चुनाव की समय सीमा आगे बढ़ाई जा सकती है।

फिलहाल राज्य में पंचायत चुनाव को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। प्रशासनिक स्तर पर आंकड़ों को व्यवस्थित करने की कोशिशें जारी हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार कब अदालत में याचिका दाखिल करती है और अदालत इस मामले में क्या फैसला सुनाती है। फिलहाल जो परिस्थितियां सामने आ रही हैं, उनसे यही संकेत मिल रहे हैं कि तय समय पर पंचायत चुनाव होना काफी मुश्किल है।

Post a Comment

Previous Post Next Post