मंदसौर में मंदिरों की चोरी का खुलासा: कोतवाली पुलिस ने आरोपी को दबोचा, भगवान के चांदी के आभूषण व दानपेटियां बरामद
डीएस सेवन न्यूज मध्य प्रदेश मंदसौर शहर में मंदिरों में हुई चोरी की घटनाओं का कोतवाली पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से मंदिरों से चोरी किए गए भगवान के चांदी के आभूषण, दानपेटियां और नगदी बरामद की है। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है, जिसमें पहले भी मंदिर चोरी, बलात्कार और अवैध हथियार रखने जैसे मामलों में उसका नाम सामने आ चुका है।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टी.एस. सिंह बघेल तथा नगर पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह भास्कर के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लंबे समय से चल रही जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
जानकारी के अनुसार 21 जनवरी 2026 को जीवागंज स्थित जगदीश मंदिर में चोरी की घटना सामने आई थी। मंदिर के पुजारी जितेन्द्र व्यास ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सुबह तड़के उनके भाई योगेश व्यास ने देखा कि मंदिर के गर्भगृह का दरवाजा खुला हुआ है। जांच करने पर पता चला कि अज्ञात व्यक्ति भगवान के चांदी के आभूषण, गदा सहित अन्य सामग्री चुराकर ले गया है। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
इसके बाद 5 और 6 मार्च 2026 की दरमियानी रात को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के पास स्थित सिद्धि विनायक गणपति मंदिर में भी चोरी की वारदात सामने आई। मंदिर की दो दानपेटियां तोड़कर उन्हें ही उठाकर ले जाया गया था। इस घटना की शिकायत संतोष पुरोहित द्वारा थाना कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने इस मामले में भी चोरी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
दोनों घटनाओं के बाद पुलिस ने इन्हें गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग टीमों का गठन किया। मंदिरों से जुड़े सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के प्रयास किए गए। साथ ही साइबर सेल की भी मदद ली गई। पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ की और शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार निगरानी रखी।
जांच के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने नवीन पिता प्रदीप शर्मा उम्र 34 वर्ष को हिरासत में लिया। वह मूल रूप से भानपुरा का निवासी है और वर्तमान में मंदसौर में श्री कोल्ड के पास रह रहा था। पूछताछ में आरोपी ने दोनों मंदिरों में चोरी करना स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर जगदीश मंदिर से चोरी किए गए भगवान के चांदी के मुकुट, मोर पंख, गदा और बांसुरी सहित अन्य आभूषण बरामद किए। इसके अलावा गणपति मंदिर से चोरी की गई दो दानपेटियां और उनमें रखी नगदी भी जब्त कर ली गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी मंदिरों में चोरी की वारदातों में शामिल रहा है। वर्ष 2023 में उसने दशरथ नगर स्थित साईं मंदिर की दानपेटी चोरी की थी। इसके अलावा वर्ष 2016 में वायडी नगर थाना क्षेत्र में बलात्कार, एससी-एसटी एक्ट और पोक्सो एक्ट से जुड़ा गंभीर अपराध भी उसके खिलाफ दर्ज हो चुका है। वर्ष 2022 में आर्म्स एक्ट के तहत भी उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के घर से एक कंबल भी बरामद किया, जिसका प्रिंट उस कंबल से मिलता-जुलता पाया गया जो आरोपी ने मंदिर में चोरी करते समय ओढ़ रखा था। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे व्यक्ति की चाल और आरोपी की चाल में भी समानता देखी गई, जिससे पुलिस को पुख्ता सुराग मिला।
इस पूरे मामले में चीता मोबाइल के आरक्षक विशाल लबाना और आरक्षक समरथ चौहान की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। दोनों आरक्षक घटना वाले क्षेत्र में रात्रि गश्त के दौरान सक्रिय थे। उन्हें जानकारी थी कि गणपति मंदिर परिसर में एक विकलांग व्यक्ति लंबे समय से रात में सोता है। पुलिस ने उस व्यक्ति से पूछताछ की, जिसने देर रात मंदिर के पास संदिग्ध गतिविधि करने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी दी। उसके बताए हुलिये के आधार पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पुष्पेन्द्र सिंह राठौर, उपनिरीक्षक संदीप मोर्य, उपनिरीक्षक उमेश व्यास, आरक्षक विशाल लबाना, समरथ चौहान, भानूप्रताप सिंह, शैलेन्द्र सिंह, जितेन्द्र मालोदे, हरिश राठौर, नरेन्द्र सिंह और सीसीटीवी कंट्रोल की कविता राठौर सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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