DS7NEWS NETWORK अनीता के भाई बसराम ने बताया कि परिवार के लोग सुबह से ढूंढ रहे थे SMS हॉस्पिटल की इमरजेंसी उनके बारे में पता नहीं चला फिर वह मॉर्च्यूरी में गए प्रार्थना कर रहे थे कि यहां बहन के बारे में कुछ पता न चले मैं शिनाख्त कर रहा था। वहां एक शव पड़ा था, सिर से पैर तक जला हुआ। पैरों में पहनी बिछिया पर नजर गई तो सारी उम्मीदें टूट गईं वो शव मेरी बहन का था
किसी भाई की राखी की डोर टूट गई तो किसी पत्नी का सुहाग उजड़ गया
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