चित्तौड़गढ़ के सहकारिता विभाग विवादों को लेकर एक एक बार फिर सुर्खियों में जहां प्रार्थी के लाख कोशिशें के बाद भी नहीं हो पा रही है सुनवाई

राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री ओर  गौतम दक के लिए सहकारिता विभाग में  अपने गृह जिले मे ये क्या हो रहा है 
इनका विभाग किसी ना किसी बात को लेकर अखबारों की सुर्खियां रहा है 
वर्तमान में चित्तौड़गढ़ केंद्रीय सहकारी बैंक में प्रबंध निदेशक के पद पर आसीन हुए नानालाल चावला भी विधिविरुद्ध कार्यबाहियो में माहिर है,इनके द्वारा मनमर्जी के आदेश जारी किए जाते हैं जहाँ जिसकी जरूरत होती हैं उस आदेश को काम मे ले लेते हैं,पूर्व में यहां रहते हुए इनके द्वारा कारुण्डा ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक सहित कई लोगो के खिलाफ विधिविरुद्ध कार्यवाहियों को अंजाम दिया गया है या यूं कहें कि उस समय में मनमर्जी व पद एवं शक्तियों का दुरुपयोग अपने चरम पर था पर फिर भी मंत्री जी द्वारा ऐसे अधिकारी को अपने ही गृह जिले में लगाकर क्या साबित करना चाह रहे हैं?

पूर्व में डेयरी प्रबंध निदेशक के विवाद को लेकर सुर्खियों में रहे है ये विवाद आज तक नहीं सुल्टा हैं और ना ही चित्तौड़गढ़ डेयरी को आज तक प्रबंध निदेशक मिला है।इसके बाद बात करते हैं उप रजिस्ट्रार कार्यालय चित्तौड़गढ़ की जहाँ के उप रजिस्ट्रार पद पर आसीन रहे जयदेव देवल मंत्री जी के गले की फांस बन कर रहे ये देवल उदयपुर में नियुक्त होते हुए अपने साथी अधिकारी की पेंशन राशि की स्वीकृति की एवज रिश्वत कांड में आरोपी हैं इसके अलावा चित्तौड़गढ़ में ही अनेक विधिविरुद्ध कार्यवाहियों को अंजाम दिया जिसके चलते ये अखबारों की सुर्खियां रहे हैं,इनके द्वारा कारुण्डा ग्राम सेवा सहकारी समिति के भूतपूर्व व्यवस्थापक के रोके गए वेतन सहित सेवानिवृत्त परिलाभों को हड़पने या जिस तरह से 
यहाँ करना चाह रहे थे परंतु मंत्री जी ने आनन फानन में ट्रांसफर शुरू होने के चार दिन पूर्व ही चित्तौड़गढ़ से रवाना कर दिया


विशेष बात यह है नानालाल चावला को इनकी रैंक से कमतर पद पर चित्तौड़गढ़ केंद्रीय सहकारी बैंक लि.के प्रबन्ध निदेशक के पद पर लगाया गया हैं।इनकी रैंक अतिरिक्त रजिस्ट्रार की है किंतु इनको अतिरिक्त रजिस्ट्रार के पद पर नही लगाकर कमतर पद पर लगाया गया हैं।चावला अपनी रैंक के आसरे अन्य अधिकारियों पर दबाव बनाना कोई नया नहीं है।पूर्व में संयुक्त रजिस्ट्रार की रैंक से नानालाल चावला चित्तौड़गढ़ केंद्रीय सहकारी बैंक में प्रबन्ध निदेशक के पद पर आसीन रहे उस दौरान भी उन्होंने अपनी संयुक्त रजिस्ट्रार की रैंक का रौब झाड़कर तत्समय उप रजिस्ट्रार व स्पेशल ऑडिटर सहित अन्य अधिकारियों से मनमर्जी की कार्यवाहियाँ करवाई थी।अब पुनः अतिरिक्त रजिस्ट्रार की रैंक के रौब दिखाकर उप रजिस्ट्रार व स्पेशल ऑडिटर सहकारी समितियां चित्तौड़गढ़ को स्वतंत्रता से कार्य नही करने देकर उनके कार्यो में अनावश्यक दबाव बनाकर पूर्व की भाँति ही अपनी इच्छानुसार कार्य करवाने की कोशिश करेंगे।


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